ग्रामीणों ने की शिकायत

धालभूमगढ़ : लभूमगढ़ में ग्रामीण कार्य विभाग के तहत राज्य संपोषित प्रगतिशील पथ योजना योजना द्वारा देवशोल एरोड्राम से रावताड़ा चौक तक बन रही सड़क में गड़बड़ी बरतने की ग्रामीणों ने शिकायत की है. उक्त सड़क बनने के साथ ही सड़क उखड़ने लगी है. सड़क निर्माण में गुणवत्ता और विभागीय अभियंता की भूमिका पर ग्रामीण […]

धालभूमगढ़ : लभूमगढ़ में ग्रामीण कार्य विभाग के तहत राज्य संपोषित प्रगतिशील पथ योजना योजना द्वारा देवशोल एरोड्राम से रावताड़ा चौक तक बन रही सड़क में गड़बड़ी बरतने की ग्रामीणों ने शिकायत की है.
उक्त सड़क बनने के साथ ही सड़क उखड़ने लगी है. सड़क निर्माण में गुणवत्ता और विभागीय अभियंता की भूमिका पर ग्रामीण सवाल उठाने लगे हैं. अजरुन हांसदा, काली पद मुमरू, भूतनाथ बास्के, समाय मार्डी, साधु सोरेन, सोबेन मार्डी, सुंदर सोरेन, नरेंद्र नाथ पाल, संतोष महतो, डोमन मुमरू, चरपो मार्डी, अश्विनी दास, नीलमणि सोरेन ने बताया कि सड़क की कालीकरण पांच से छह दिन पूर्व की गयी है, मगर अब कालीकरण उखड़ने लगी है. सड़क के बीच में कालीकरण की थिकनेश कम है.
दिन के साथ-साथ रात में भी कालीकरण की जाती है. ग्रामीणों ने रात में कालीकरण नहीं करने की अपील की थी. सूचना के मुताबिक सड़क की स्वीकृति वर्ष 2011-12 है. एकरारनामा संख्या 14एफ/राशि 375 लाख है. काम समापन की तिथि तीन मई 2013 थी.
कार्य शुरू करने के समय से ही स्थल पर किसी ने नहीं देखा. ग्रामीणों ने सड़क की उच्च स्तरीय जांच की मांग की.ग्रामीणों ने आमरण अनशन किया था. देवशोल एरोड्राम से रावताड़ा चौक तक गुणवत्ता के साथ सड़क निर्माण के लिए वर्ष 2012 में प्रखंड मुख्यालय के सामने बैजनाथ सोरेन, विक्रम बेसरा, देवाशीष धवलदेव और अन्य एक ने आमरण अनशन किया था. चौथे दिन तत्कालीन बीडीओ अजय भगत, जिला परिषद सदस्य दांदू राम बेसरा, लीला सिंह ने जूस पिला अनशन तोड़वाया था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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