चाकुलिया : श्यामसुंदरपुर थाना क्षेत्र स्थित माचाडीहा के पास शिवम कंस्ट्रक्शन के कैंप पर हमला नक्सली घटना है, आपराधिक घटना है या फिर किसी दुश्मनी का परिणाम है, पर रहस्य बरकरार है. पुलिस इसकी गुत्थी सुलझाने में जुटी है. ठेका कंपनी के लोग कहते हैं कि उनसे कभी किसी ने रंगदारी या फिर लेवी नहीं मांगी.
किसी से दुश्मनी भी नहीं है. हमला क्यों हुआ, समझ से परे है. वैसे यह घटना नक्सली नहीं लगती है, परंतु पुलिस को आशंका है कि घटना में कोर्ट हाजत से फरार नक्सली फोगड़ा मुंडा का हाथ हो सकता है. यह जांच का विषय है.
विदित हो कि एक ट्रैक्टर सवार होकर एक ही हमलावर आया था. यानी कि ट्रैक्टर के चालक समेत दो ही लोग आये थे. एक ही हमलावर कैंप में पिस्तौल लेकर घुसा और घटना को अंजाम दिया. हमलावर ने दो गोली मारी और एक को रड से जख्मी किया. इसके अलावा उसने और कोई हरकत नहीं की. कैंप कर्मियों के मुताबिक हमलावर ने काफी शराब पी रखी थी. हमलावर ने कैंप को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया. माना जाता है कि इस अंदाज में नक्सली हमला नहीं करते हैं. यह घटना नक्सली घटना से मेल नहीं खाती है. नक्सली हमला करते हैं तो पोस्टर छोड़ कर जिम्मेवारी भी लेते हैं. घटनास्थल पर एसएसपी ने भी माना कि यह नक्सली घटना नहीं है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है.
सानघाटी की ओर से आया ट्रैक्टर
कैंप कर्मियों के मुताबिक ट्रैक्टर सोनघाटी गांव की ओर से आया था. कैंप से कुछ दूर स्थित सड़क पर ट्रैक्टर को खड़ा कर हमलावर कैंप आया. घटना को अंजाम देकर हमलावर ट्रैक्टर पर सवार हुआ और ट्रैक्टर चाकुलिया-माचाडीहा मुख्य सड़क की और चला गया.
पेटी कॉन्टेक्ट का लफड़ा तो नहीं
पुलिस मामले की जांच किसी बात को लेकर दुश्मनी की नजरिये से भी कर रही है. कहीं घटना का कारण पेटी कॉन्टेक्ट का लफड़ा तो नहीं है. विदित हो इन ठेका कंपनियों से कई लोग पेटी पर काम ले रहे हैं. इसके लेकर यदा-कदा विवाद की खबरें भी सुनायी पड़ती हैं. पुलिस इस नजरिये से भी जांच कर रही है.
रात्रि प्रहरी पर हुआ था हमला
वर्ष 2013 में हवाई पट्टी के पास शिवम कंस्ट्रक्शन के ही कार्यस्थल पर कंपनी के रात्रि प्रहरी नकछेटी ठाकुर पर जान लेवा हमला हुआ था. बाद में पुलिस इस बात का पता चला कि उक्त रात्रि प्रहरी पर कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने जानलेवा हमला किया था. उक्त हमला इसलिए किया गया था कि उक्त रात्रि प्रहरी कुछ कर्मचारियों द्वारा डीजल चोरी करने की जानकारी कंपनी के पदाधिकारी को देता था.
