विधायक के साथ झामुमो समर्थक पहुंचे मां तारा इस्पात प्राइवेट लिमिटेड
धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ के कोकपाड़ा मां तारा इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में चार मजदूरों के झुलसने के मामले के दूसरे दिन बहरागोड़ा के विधायक कुणाल षाड़ंगी और घाटशिला के पूर्व विधायक रामदास सोरेन झामुमो समर्थकों के साथ सोमवार को पहुंचे और कंपनी का निरीक्षण किया. फैक्टरी में श्रम कानून और फैक्टरी एक्ट के घोर उल्लंघन का खुलासा हुआ. मजदूर जान जोखिम में डाल काम करते नजर आये.
निरीक्षण के दौरान मजदूरों को हवाई चप्पल, बगैर हेलमेट और दस्ताना पहने काम करते देख विधायक ने सुपर वाइजर की जम कर फटकार लगायी. विधायक ने मजदूरों से कई तरह की जानकारी ली. मजदूरों ने विधायक को अपनी समस्याएं सुनायी.
मामले को विस में उठाऊंगा : विधायक
कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि मां तारा इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में फैक्टरी एक्ट के एक भी नियम का अनुपालन नहीं होता है. मजदूरों को सचित्र परिचय पत्र निर्गत नहीं किया जाता है. स्वास्थ्य बीमा नहीं कराया जाता है. इएसआइ नहीं होता है. मजदूरों को काम करने के लिए सुरक्षा सामग्रियों में जूता, हेलमेट और दस्ताना नहीं दिया जाता है. तीन माह में एक बार मजदूरों को सुरक्षा सामग्री मिलती है. सीएसआर का लाभ लोगों को नहीं मिलता है. उन्होंने कहा कि मंगलवार को इस मामले को वे विधान सभा में उठायेंगे. स्पीकर से अनुरोध करेंगे कि धालभूमगढ़ और सातकठिया के आसपास स्थित इंडक्शन प्लांटों की उच्च स्तरीय टीम बना कर जांच करायी जाये.
सात दिनों के अंदर अगर मजदूरों को हक नहीं मिला, तो झामुमो आंदोलन के लिए बाध्य होगा. उन्होंने कहा कि प्रदूषण, पावर परचेज, एग्रीमेंट समेत अन्य बिंदुओं की जांच की मांग करेंगे. झारखंड की भूमि पर उद्योग लग हैं तो मजदूरों को हक देना होगा. विधायक के साथ जिलाध्यक्ष महावीर मुमरू, अजरुन हांसदा, बैधनाथ सोरेन, विक्रम सोरेन, सागेन पूर्ति, बास्ता सोरेन शामिल थे.
