गालूडीह : घाटशिला प्रखंड की उलदा पंचायत स्थित बड़ापहाड़ और गोपालपुर मौजा में प्रस्तावित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर निर्माण के लिए 165 एकड़ भूमि अधिग्रहण के विरोध में आंदोलित ग्रामीणों और किसानों के समर्थन में झामुमो और कांग्रेस के कूदने से प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गयी है.
बड़ापहाड़ और गोपालपुर गांव में करीब 45 परिवार निवास करते हैं. सभी किसान हैं. सुवर्णरेखा नदी के पानी से सिंचाई कर अपनी जीविका चलाते हैं. सभी गरीब तबके हैं. टाली, फूस और मिट्टी का घर बनाकर किसान अपने परिवार के साथ वषों से रह रहे हैं. हालांकि उनकी जमीन 1972-73 में एचसीएल ने अधिग्रहण किया था.
परंतु उक्त परिवारों को तब वहां से बेदखल नहीं किया गया था. यहां बसे सभी लोग रैयत खतियान धारी हैं. अब एचसीएल ने अधिग्रहित भूमि को राज्य सरकार को हैंड ओवर कर दिया है. उक्त दोनों गांवों में अब सरकार सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के लिए जमीन अधिग्रहण करना चाहती है. इसकी प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू होते ही किसानों ने विरोध शुरू कर दिया.
किसानों के समर्थन में पहले झामुमो ने विरोध का बिगुल फूंका तो अब कांग्रेस इस आंदोलन में कूदी है. पिछले दिनों घाटशिला के पूर्व विधायक रामदास सोरेन बड़ापहाड़ जाकर किसानों के साथ बैठक कर किसी को उजड़ने नहीं देने की बात कहते हुए आर-पार की लड़ाई की घोषणा की. तो अब पूर्व सांसद डॉ अजय कुमार सह कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता उक्त गांव में जाकर ग्रामीणों संग बैठक कर कहा किसी को उड़जने नहीं देंगे. दो प्रमुख दलों के विरोध में आने से जमीन अधिग्रहण में जुटे प्रशासनिक पदाधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गयी है.
