घाटशिला : केंद्र सरकार का भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लागू करने और राज्य सरकार द्वारा स्थानीय नीति के बिना बहाली करने के विरोध में झामुमो ने विरोध का बिगुल फूंक दिया है. सोमवार को झामुमो घाटशिला प्रखंड कमेटी के नेतृत्व में स्टेशन चौक से झामुमो नेताओं ने और कार्यकर्ताओं ने परंपरागत हथियारों और ढोल-धमसा के साथ जुलूस निकाला.
जुलूस मुख्य मार्ग होते हुए फूलडुंगरी स्थित प्रखंड कार्यालय पहुंचा. झामुमो नेताओं ने ब्लॉक में धरना दिया और केंद्र एवं राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया. धरना के बाद एक प्रतिनिधिमंडल बीडीओ कुंदन कुमार से मिला और राज्यपाल के नाम दो सूत्री मांग पत्र सौंपा.
धरना एवं विरोध-प्रदर्शन में झामुमो के केंद्रीय सदस्य शंकर चंद्र हेंब्रम, सुनील मुमरू, जगदीश भकत, काजल डॉन, दाशमत सोरेन, रायसेन सोरेन, खुदीराम मार्डी, रतन महतो, सिप्पू शर्मा, अंपा हेंब्रम, संध्या भट्टाचार्य आदि अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे.
काला कानून है भूमि अधिग्रहण अध्यादेश. धरना में झामुमो नेता शंकर चंद्र हेंब्रम ने कहा कि केंद्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण अध्यादेश 2015 लागू कर काला कानून पास कर दिया है. पूंजीपति समूहों के हाथों देश को गिरवी रखने की योजना है. इस कानून से झारखंडी भूमिहीन और बेघर हो जायेंगे. उन्होंने कहा कि छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम, संताल परगना काश्तकारी अधिनियम, विल्किंसन रूल, पेसा तथा कई पारंपरिक ग्राम समाज शासन व्यवस्था झारखंड में लागू है. जिसके तहत जमीन अधिग्रहण एक गंभीर चुनौती भी है.
झारखंडियों की पहचान मिटाने की साजिश. धरना में झामुमो नेता सुनील मुमरू और जगदीश भकत ने कहा कि बिना स्थानीय नीति लागू किये बहाली की प्रक्रिया शुरू कर राज्य सरकार ने झारखंडियों की पहचान मिटाने की साजिश रची है. झामुमो इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता. अन्य राज्यों में क्या झारखंडियों को तृतीय, चतुर्थ वर्गीय नौकरी मिलती है. अगर नहीं, तो फिर झारखंड में ऐसा क्यों. क्या इसका जबाव सरकार देगी.
मुसाबनी में झामुमो नेताओं ने सरकार को घेरा
मुसाबनी. केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में झामुमो मुसाबनी प्रखंड कमेटी ने सोमवार को मुसाबनी में जुलूस निकाला और प्रखंड कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया. धरना के बाद राज्यपाल के नाम बीडीओ को 12 सूत्री मांग पत्र सौंपा. झामुमो का जुलूस पार्टी कार्यालय से निकला. जुलूस का नेतृत्व पूर्व विधायक रामदास सोरेन, प्रखंड अध्यक्ष बाघराय मार्डी, सचिव साधु चरण मुमरू, गौरांग माहली, रवींद्र नाथ मुमरू कर रहे थे.
जुलूस में अनेक कार्यकर्ता, महिला-पुरुष पारंपरिक हथियारों के साथ शामिल हुए. जुलूस करीब दो किमी पैदल चल कर प्रखंड कार्यालय पहुंचा और धरने में तब्दील हो गया. जुलूस में शामिल झामुमो कार्यकर्ता अपने हाथों में नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे. तख्तियों में भूमि अधिग्रहण कानून रद्द करो, स्थानीय नीति की घोषणा करो, सीएनटी एक्ट में छेड़छाड़ बंद करो आदि बातें लिखी हुई थी. जुलूस में शामिल लोग नारे भी लगा रहे थे. धरना को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक रामदास सोरेन ने कहा कि केंद्र तथा राज्य की भाजपा सरकार झारखंड के आदिवासी एवं मूलवासी विरोधी है.
सरकार जल, जंगल और जमीन को छीन कर पूंजीपतियों के हाथों बेचने का खेल खेलना चाहती है. बिना स्थानीय नीति बनाये ही बहाली कर यहां के आदिवासी-मूलवासियों के हक को छीना जा रहा है. धरना को पूर्व मंत्री यदुनाथ बास्के, गौरांग माहली, प्रधान सोरेन, बाघराय मार्डी, साधु चरण मुमरू, जयपाल मांझी, सागेन पूर्ति, गीता मुमरू, मो वशीर आदि ने भी संबोधित किया.
बहरागोड़ा में प्रदर्शन कर मांग पत्र सौंपा
बहरागोड़ा. बहरागोड़ा झामुमो प्रखंड कमेटी ने दो सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को ब्लॉक ऑफिस पर धरना दिया और बीडीओ ज्ञान मनी एक्का को राज्यपाल के नाम दो सूत्री ज्ञापन सौंपा. धरना स्थल पर प्रखंड अध्यक्ष असित मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार का भूमि अधिग्रहण अध्यादेश काला कानून है.
केंद्र सरकार इस अध्यादेश को वापस ले. उन्होंने कहा कि स्थानीय नीति लागू कर ही नौकरियों में बहाली की जाये. धरना को सुमन कल्याण मंडल, गुरुचरण मुमरू, बबलू साव, रवि चंद्र मार्डी,ललित मार्डी, गुरुचरण मार्डी आदि ने भी संबोधित किया. धरना पर दुर्गा पद महाकुड़, श्याम चंद्र मार्डी, राकेश भुई, चंदन पात्र, समेत अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे.
चाकुलिया प्रखंड कार्यालय में प्रदर्शन, पहुंचे नेतागण
चाकुलिया. चाकुलिया झामुमो प्रखंड कमेटी ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को विभिन्न मांगों को लेक र प्रखंड कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया. धरना पर उपस्थित पार्टी के जिलाध्यक्ष महावीर मुमरू ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता और ग्रामीण अपने हक और अधिकार के लिए आंदोलन करें. उन्होंने कहा कि पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन और पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के निर्देशानुसार झारखंड के हर प्रखंड कार्यालय में स्थानीय नीति लागू करने के लिए और भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है.
राज्य सरकार पहले स्थानीय नीति लागू करे और इसके बाद बहाली की प्रक्रिया शुरू करे. भाजपा सरकार जल्द से जल्द स्थानीय नीति लागू करे, नहीं तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी. प्रतिनिधिमंडल ने बीडीओ गिरजा शंकर महतो को राज्यपाल के नाम दो सूत्री ज्ञापन सौंपा. सुनाराम हांसदा, सुभेंदु महतो, शिव हांसदा, समेत अन्य उपस्थित थे.
गुड़ाबांदा प्रखंड कार्यालय पर झामुमो ने धरना दिया
गुड़ाबांदा : गुड़ाबांदा प्रखंड के ज्वालकांटा स्थित प्रखंड कार्यालय पर झामुमो प्रखंड कमेटी ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया. धरना के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने झामुमो नेता आदित्य प्रधान के नेतृत्व में बीडीओ अशोक कुमार से मिला और राज्यपाल के नाम दो सूत्री ज्ञापन सौंपा.
सौंपे गये ज्ञापन में भारत सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को झारखंड के आदिवासी एवं मूलवासियों के हित में अविलंब वापस करने, स्थानीय नीति को परिभाषित किये बगैर झारखंड सरकार की जाने वाली नियुक्तियां अविलंब बंद कराने आदि की मांग शामिल है. मौके पर श्याम टुडू, बाबु करण, माताल माझी, रंजीत सीट, मुक्ति पद बेरा, सत्यानंद उपाध्याय, राम हांसदा समेत अन्य उपस्थित थे.
