मुसाबनी: लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर आइसीएमपीएल के मजदूरों ने सुरदा प्रशासनिक भवन में श्रीराम इपीसी एवं आइसीएमपीएल के तीन अधिकारियों को बंधक बना कर रखा तथा जम कर नारेबाजी की.
मुसाबनी माइंस इंप्लाइज यूनियन तथा झारखंड कॉपर माइंस वर्कर यूनियन के नेताओं एवं मजदूरों ने आइसीएमपीएल के मजदूरों के बकाये वेतन भुगतान को लेकर मंगलवार को श्रीराम इपीसी के अधिकारी तुषार चटर्जी एवं आइसीएमपीएल के प्रदीप त्रिपाठी और धर्मेद्र पाठक को एक कमरे में रोक कर रखा तथा बकाये वेतन की मांग की. मजदूरों ने कहा कि जब तक मजदूरों के वेतन भुगतान का कोई निर्णय नहीं होता है, तब तक अधिकारियों को कमरे से बाहर नहीं निकलने दिया जायेगा.
समाचार लिखे जाने तक गतिरोध जारी था.
88 मजदूरों का तीन माह से मजदूरी बकाया. आइसीएमपीएल में काम करने वाले 88 मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान तीन माह से नहीं हुआ है. अब तक आश्वासन ही मिला है.
मंगलवार को मजदूर सुरदा पहुंचे और प्रशासनिक भवन में कंपनी अधिकारियों का घेराव किया. लीज नवीकरण के मुद्दे को लेकर आठ सितंबर से आइसीएमपीएल में काम बंद है, तब से मजदूर वेतन भुगतान की मांग कर रहे हैं.
इस संबंध में सुरदा फेज टू के ठेका कंपनी श्रीराम इपीसी के अधिकारी तुषार चटर्जी ने कहा कि आइसीएमपीएल से वेतन भुगतान नहीं होने की लिखित आवेदन मिलते ही एचसीएल को वेतन भुगतान के लिए लिखा जायेगा. एचसीएल से आदेश् मिलते ही वेतन भुगतान किया जायेगा. आक्रोशित मजदूर जल्द वेतन भुगतान कराने की मांग पर अड़े थे.
समाचार लिखे जाने तक आइसीएमपीएल ने वेतन भुगतान करने का आवेदन एचसीएल को दे दिया था, लेकिन एचसीएल से वेतन भुगतान संबंधी आदेश का फैक्स नहीं पहुंचा था. सूरज लामा ने कहा कि मजदूरों का बकाया वेतन का मामला हल नहीं होता है, तब तक मजदूर प्रशासनिक भवन में डटे रहेंगे. मौके पर राजेंद्र प्रसाद सिंह, पीटर दास, जलालुद्दीन, रमेश पासवान, तपन, संजय आदि मजदूर जुटे थे.
