बहरागोड़ा : बहरागोड़ा थाना हाजत में कथित रूप से फांसी लगा कर आत्महत्या करने वाले पाटबेड़ा के श्यामल नायक (30) का शव पोस्टमार्टम के बाद एमजीएम से रविवार की शाम जैसे ही गांव पहुंचा कि ग्रामीण उग्र हो गये. मृतक के आश्रित को 10 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग पर हंगामा शुरू कर दिया और शव से लदे वाहन को लेकर एनएच 33 पर आ पहुंचे.
शव से लदे वाहन को एनएच पर खड़ा कर तथा टायर जला कर ग्रामीण एनएच पर बैठ गये. मृतक की पत्नी संपा नायक व दोनों बच्चे समेत गांव की अनेक महिलाएं भी एनएच पर बैठ गयी. इससे एनएच जाम हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. करीब आठ बजे विधायक कुणाल षाड़ंगी पहुंचे. उन्होंने अपने स्तर से 5000 और प्रशासन की ओर से 10 हजार रुपये मृतक की पत्नी को दिया. उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन भी दिया. इसके बाद करीब साढ़े आठ बजे जाम हटा.
डीएसपी पूज्य प्रकाश पहुंचे. जाम स्थल पर घाटशिला के डीएसपी और वनपाल दिग्विजय सिंह पहुंचे. उन्होंने उग्र ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, परंतु ग्रामीणों ने उनकी बात नहीं मानी. ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे. सीओ जयवंती देवगम ने भी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, परंतु उग्र ग्रामीणों ने उनकी बातों को नहीं माना.
विभिन्न दलों के नेता पहुंचे. जाम स्थल पर झामुमो के आदित्य प्रधान, असित मिश्र, शंकर हलदर, सुमन मंडल, शिव चरण हांसदा, राहुल वाजपेयी, विमल बारिक, सपन बाग, हलदर सीट, भाजपा नेता गौरी शंकर महतो आदि भी पहुंचे. नेताओं ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, परंतु ग्रामीण अपनी मांगों पर डटे रहे.
विधायक कुणाल पहुंचे. शाम को करीब आठ बजे विधायक कुणाल षाड़ंगी जाम स्थल पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों को समझाया. विधायक ने मृतक की पत्नी को निजी तौर पर पांच हजार रुपये दिये. प्रशासन की ओर से 10 हजार रुपये दिये गये. मृतक की पत्नी को विधवा पेंशन, विकलांग पुत्र को विकलांग भत्ता समेत अन्य सुविधाएं मिलेगी. विधायक ने कहा कि मृतक के आश्रित को हर संभव सरकारी सुविधा दिलायी जायेगी. अगर श्यामल की हत्या होने की बात आयी, तो वे ग्रामीणों के साथ मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर खुद एनएच पर बैठेंगे. मृतक की पत्नी को लेकर मुख्यमंत्री के पास ले जायेंगे. इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और करीब साढ़े आठ बजे जाम हटा.
