शव को न कंधा, न कफन, न गांव में दो गज जमीन

घाटशिला : घाटशिला के ऊपर पावड़ा निवासी लक्ष्मी कालिंदी को प्रेम विवाह करने की ऐसी सजा मिली कि उसके शव को कंधा देने वाला भी कोई नहीं मिला. उसे कफन भी नसीब नहीं हुआ और गांव में दो गज जमीन भी नहीं मिली. हत्या के आरोप में हिरासत में लिये गये उसके पति बलराम बेसरा […]

घाटशिला : घाटशिला के ऊपर पावड़ा निवासी लक्ष्मी कालिंदी को प्रेम विवाह करने की ऐसी सजा मिली कि उसके शव को कंधा देने वाला भी कोई नहीं मिला. उसे कफन भी नसीब नहीं हुआ और गांव में दो गज जमीन भी नहीं मिली.

हत्या के आरोप में हिरासत में लिये गये उसके पति बलराम बेसरा ने पुलिस सुरक्षा में शव को सुवर्ण नदी किनारे मंगलवार की रात में दफनाया. ज्ञात हो कि लक्ष्मी कालिंदी ने बलराम बेसरा से लगभग 10 वर्ष पूर्व प्रेम विवाह किया था.

इसके कारण उसे ग्रामीणों ने बहिष्कार कर दिया. इधर कल भूमि विवाद में लक्ष्मी के पति बलराम बेसरा और उसकी पहली पत्नी माल्हो बेसरा और पुत्र शिवा बेसरा ने हत्या कर दी. घाटशिला अस्पताल में आज शव का पोस्टमार्टम हुआ.

पुलिस उसके पति बलराम बेसरा को हत्या के आरोप में हिरासत में लिया था. उसकी पहली पत्नी माल्हो बेसरा और पुत्र शिवा बेसरा को भी पुलिस ने जमशेदपुर से हिरासत में लिया है. मां और पुत्र थाना में हैं. ऐसे में लक्ष्मी बेसरा के शव का अंतिम संस्कार करने वाला भी नसीब नहीं हुआ.

एनजीओ ने कराया संस्कार

लक्ष्मी बेसरा का अंतिम संस्कार पुलिस के कहने पर एक एनजीओ के माध्यम से सुवर्ण रेखा नदी के किनारे हुआ. प्रशिक्षु आइपीएस चंदन झा ने बताया कि लक्ष्मी ने अपनी जाति के बजाय दूसरी जाति के पुरुष से प्रेम विवाह किया था. इसके कारण गांव वालों ने उसका सामाजिक बहिष्कार कर दिया था.

उन्होंने बताया कि पुलिस के कहने पर समाजसेवी काली राम शर्मा ने लक्ष्मी बेसरा के अंतिम संस्कार कराने का काम किया. उन्होंने बताया कि एसडीपीओ शिवेंद्र और थाना प्रभारी विनोद कुमार लक्ष्मी बेसरा के शव का अंतिम संस्कार कराने में जुटे हैं.
– अजय पांडेय –

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