घाटशिला : घाटशिला प्रखंड के दामपाड़ा में लाखों की लागत से बने कई चेकडैम किसानों के लिए सफेद हाथी साबित हो रहे हैं. बरसात के मौसम में भी इन चेकडैमों से किसानों को कोई फायदा नहीं है.
कई चेकडैम ध्वस्त हो चुके हैं, तो कई आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गये हैं. इन चेकडैमों के पास इतना पानी का जमाव नहीं है कि किसान इससे सिंचाई का काम कर सकें. अधिकांश चेकडैम भ्रष्टाचार की बलि चढ़ गये हैं. किसानों की बजाय संवेदकों और संबंधित विभाग के लिए चेकडैम हितकारी साबित हो रहे हैं.
छतड्रांगा में 15 साल पूर्व लाखों की लागत से बना चेकडैम ध्वस्त हो गया है. वहीं इससे कुछ ही दूरी पर 2008-09 में बना एक दूसरा चेकडैम भी किसानों के लिए लाभकारी साबित नहीं हो रहा है. इस क्षेत्र में पहाड़ के नीचे बने कई चेकडैम लघु सिंचाई विभाग से बने हैं, लेकिन कुछ वर्ष बाद इन चेकडैमों की मरम्मत सही पर नहीं होने से बेकार साबित होने लगे हैं.
बासाडेरा में तीन चेकडैमों में बरसात का पानी नहीं रूकता. 2008-09 में 65 लाख की लागत से बने चेकडैम का यही हाल है. लघु सिंचाई विभाग से पहाड़पुर में बना चेकडैम से किसानों के खेत में पानी नहीं पहुंचता.
