साहिबगंज: बाजार में ईद को लेकर इन दिनों सेवई की बिक्री बढ़ गयी है. यूं तो ईद में मीठे चीज खाना सुन्नत माना जाता है. लिहाजा लोगों ने सेवई को ही खाने का रिवाज बनाया. मुसलिम समुदाय के लोग रमजान शुरू होते ही सेवई की खरीदारी में जुट जाते हैं.
रमजान के मौके पर साहिबगंज में करीब 150 क्विंटल सेवई की खपत होती है. स्थानीय बाजार में सेवईयां मुख्यत: पतना, कानपुर, सिउड़ी, आसनसोल, कोलकाता, भागलपुर लखनऊ, बनारस से ला कर बेची जाती है. वैसे कुछ स्थानीय सेवई विक्रेता भट्ठी लगा कर सेवईयां तैयार करते हैं. सेवईयां में कानपुरी लच्छा को उत्तम माना जाता है. सेवईयों में रूमाली सेवई भी काफी प्रचलित है. ईद पर मुसलिम समुदाय के लोग घर पर भी सेवईयों तैयार करते हैं.
इसमें करीब चार से पांच दिन का समय लगता है. मुसलिम समुदाय के लोगों के अनुसार घर पर बनायी जाने वाली सेवई काफी लजीज होती है. एलसी रोड के सेवई विक्रेता मकसूद आलम के अनुसार स्थानीय बाजार में ईद पर सेवईयों की इतनी बिक्री होती है कि बाजार में सेवईयां कम पड़ जाती है. स्थानीय मार्केट में 70-100 रुपये किलो सेवई बिक रही है.
