अधिकारियों के समझाने पर सुबह 10:30 बजे आवश्यक सेवा हुई शुरू
बीडीओ के समझाने पर भी नहीं माने आंदोलन कर रहे ठेका श्रमिक
मुसाबनी : बकाया पीएफ राशि भुगतान की मांग पर बागजांता खदान के 42 ठेका श्रमिकों ने शुक्रवार को दूसरे दिन बी बाकड़ा पुल के पास सड़क जाम रखा. इसके कारण बागजांता खदान में शुक्रवार सुबह की पाली से आवश्यक सेवाओं समेत सभी काम प्रभावित हो गये. सड़क जाम कर रहे ठेका श्रमिकों को माइंस मैनेजर कल्याण नाथ, माइनिंग इंजीनियर सिद्धार्थ सिंह, प्रशासनिक पदाधिकारी एसके सिन्हा ने समझा कर करीब 10 बजे आवश्यक सेवा चालू कराने के लिए राजी कराया. इसके बाद सुबह करीब 10.30 बजे नौ श्रमिक आवश्यक सेवा के लिए बागजांता खदान में गये. वहीं दोपहर की पाली में भी सड़क जाम जारी रहा.
प्रबंधन ने कर्मचारियों को जादूगोड़ा भेजा : बागजांता में जारी गतिरोध को देखते हुए प्रबंधन ने बागजांता में कार्यरत 156 स्थायी कर्मचारियों में आवश्यक सेवा के कर्मचारियों को छोड़कर बाकी को दोपहर की पाली से जादूगोड़ा खदान में रिपोर्ट करने का आदेश दिया है.
बागजांता में पसरा सन्नाटा : ठेका श्रमिकों के सड़क जाम के कारण बागजांता खदान में शुक्रवार सुबह की पाली से कामकाज ठप है. खदान परिसर में सन्नाटा पसरा है.
पांच सौ टन अयस्क उत्पादन प्रभावित
बागजांता खदान में प्रतिदिन करीब 5-6 सौ टन अयस्क का उत्पादन होता है. यहां से उत्पादित अयस्क को हाइवा से सड़क मार्ग से जादूगोड़ा ले जाकर पिसाई की जाती है. सड़क जाम के कारण बागजांता खदान में करीब पांच सौ टन यूरेनियम अयस्क का उत्पादन प्रभावित हुआ.
वार्ता के प्रस्ताव का पत्र नहीं लिया
यूसिल के प्रबंधक (सुरक्षा, प्रशासन एवं औद्योगिक संबंध) जीसी नायक ने ठेका श्रमिकों को वार्ता के लिए सोमवार को प्रशासनिक भवन जादूगोड़ा वार्ता के लिए बुलावा का पत्र भेजा, लेकिन आंदोलनकारी ठेका मजदूरों के पत्र लेने से इन्कार कर दिया. ठेका मजदूरों का कहना है कि वे वार्ता के लिए जादूगोड़ा नहीं जायेंगे. शाम तक सड़क जाम का समाधान नहीं हुआ था.
