घाटशिला : वर्ष 1990 में जादूगोड़ा के जोटेया झांटा जंगल में बकरी चराने गयी 10 वर्षीय नाबालिग से बलात्कार के आरोपी बांडी हो को सोमवार को घाटशिला के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश राम बचन सिंह की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्रीपदो महतो थे. […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
घाटशिला : वर्ष 1990 में जादूगोड़ा के जोटेया झांटा जंगल में बकरी चराने गयी 10 वर्षीय नाबालिग से बलात्कार के आरोपी बांडी हो को सोमवार को घाटशिला के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश राम बचन सिंह की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्रीपदो महतो थे.
एपीपी संजय सिन्हा थे. इस संबंध में पीड़िता के बयान पर जादूगोड़ा थाना में 25 फरवरी 1990, भादवि की धारा 376 के तहत आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी. प्राथमिकी के मुताबिक 23 फरवरी 90 को 12 बजे नाबालिग बकरियों को गांव के बगल जोटेया झांटा जंगल में चरा रही थी.
उसी समय गांव का बांडी बकरियां लेकर पहुंचा. 20 वर्षीय बांडी हो उसे पकड़ कर ले गया और बलात्कार किया. वह रोते-रोते घर आयी और नानी को घटना की जानकारी दी. बांडी हो को गांव के लोगों ने पकड़ना चाहा. मगर वह भाग निकला. नाबालिग का इलाज यूसिल अस्पताल में कराया गया. उसने थाना में बांडी हो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी.