रामगढ़ (दुमका): दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड में मंगलवार दोपहर तेज बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गयी, जबकि सात से अधिक लोग घायल हो गये. इनमें चार घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है. घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद फुलो-झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, दुमका रेफर किया गया है.
जानकारी के अनुसार, गिदबन्ना, खुदीमेरखो, डुमरजोर, आलूबाड़ा और तिलौंधा गांवों में दोपहर करीब दो बजे वज्रपात की घटनाएं हुईं. अधिकांश लोग खेतों में धान रोपाई और काम करने के दौरान बिजली की चपेट में आए, जबकि एक घटना अंतिम संस्कार के दौरान हुई.
इन क्षेत्रों में वज्रपात की चपेट में आए लोग
छोटी रण बहियार पंचायत के गिदबन्ना गांव में खेत में धान रोप रही आलतामुनी मरांडी (20 वर्ष) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. वहीं, उनके पति राजेंद्र मुर्मू और चार वर्षीय पुत्री गंभीर रूप से झुलस गए हैं. दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद दुमका रेफर किया गया.
दूसरी घटना खुदीमेरखो गांव में हुई, जहां खेत में काम कर रहे बाबूलाल हेम्ब्रम (30 वर्ष) की वज्रपात से मौत हो गई. वहीं कांजो पंचायत के डुमरजोर गांव में खेत में काम कर रहे करीब रोहित कुंअर (35 वर्ष) की भी बिजली गिरने से मौत हो गई. उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामगढ़ लाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.
आलूबाड़ा गांव में बारिश से बचने के लिए वटवृक्ष के नीचे खड़ी बबिता देवी और चिंता देवी भी वज्रपात की चपेट में आकर घायल हो गई. दोनों का इलाज स्थानीय निजी क्लीनिक में चल रहा है.
भालसुमर पंचायत के तिलौंधा गांव में एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के दौरान अचानक वज्रपात हुआ, जिसमें चुड़का टुडू और देवघरिया मांझी गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामगढ़ से प्राथमिक उपचार के बाद दुमका रेफर कर दिया गया.
बेहतर इलाज के लिए घायलों को किया गया रेफर- डॉ.
इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामगढ़ के चिकित्सक डॉ संदीप कुमार मंडल ने बताया कि गंभीर रूप से झुलसे घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है. लगातार बारिश के बीच हुई इन घटनाओं से क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है.
