दुमका. दुमका शहरी व ग्रामीण इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली. अचानक आसमान में बादल छा गये और देखते ही देखते बड़े-बड़े ओले गिरने लगे. करीब एक घंटे तक चली ओलावृष्टि के बाद मौसम ठंडा हो गया, लेकिन जनजीवन पर इसका व्यापक असर पड़ा. ओलावृष्टि शुरू होने से पहले ही कई जगहों पर बिजली आपूर्ति ठप हो गयी, जिससे पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा गया. हालांकि दुमका शहर में बिजली आपूर्ति कुछ ही देर में बहाल हो गयी. रानीश्वर में ओलावृष्टि से आम, लीची व गरमा धान फसल को नुकसान पहुंचा है. किसानों का कहना है कि ओला गिरने से आम व लीची के बौर व फल झड़ सकते हैं. गरमा धान, जिसमें बाली आ चुकी है, उसके भी क्षतिग्रस्त होने की संभावना है. हालांकि ऊमस भरी गर्मी से लोगों को राहत जरूर मिली. इधर, जामा प्रखंड क्षेत्र में करीब एक घंटे तक तेज बारिश के साथ भीषण ओलावृष्टि हुई. दिनभर की तेज गर्मी के बाद अचानक बदले मौसम से लोग जहां थे, वहीं रुकने को मजबूर हो गये. सड़क पर चल रहे राहगीरों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली. ओलावृष्टि के दौरान तेज हवा के कारण कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां टूट कर गिर गयीं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ. चौक-चौराहों पर अफरा-तफरी का माहौल रहा. खेतों में लगी फसलों, खासकर आम और हरी सब्जियों को नुकसान होने की आशंका जतायी जा रही है.
तेज हवा के साथ दुमका में ओलावृष्टि, आम व गरमा धान को नुकसान
ओलावृष्टि शुरू होने से पहले ही कई जगहों पर बिजली आपूर्ति ठप हो गयी, जिससे पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा गया.
