रानीश्वर (दुमका): पर्यटन स्थल मसानजोर में सड़क के दोनों किनारों और मसानजोर डैम प्रबंधन की भूमि पर अवैध अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि डैम प्रबंधन की जमीन पर बाहरी लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर दुकानें और अन्य निर्माण किए जा रहे हैं.
स्थानीय लोगों के अनुसार, अतिक्रमण करने वालों में अधिकांश लोग पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल सहित अन्य क्षेत्रों से आकर यहां नौकरी या व्यवसाय करने वाले हैं. उनका कहना है कि अवैध अतिक्रमण हटाने की दिशा में प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है.
बताया जाता है कि पिछले वर्ष दुमका अंचल के अंचलाधिकारी ने थाना प्रभारी की मौजूदगी में डैम के उत्तरी भाग में सड़क किनारे बनी कुछ झोपड़ियों को हटाने की कार्रवाई की थी, लेकिन स्थायी निर्माण कर दुकान चलाने वालों के खिलाफ कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया. जेसीबी से हटाई गयी अधिकांश झोपड़ियां दोबारा बना ली गयीं.
मसानजोर डैम के आसपास कुछ लोगों द्वारा अनधिकृत रूप से वाहन पार्किंग के नाम पर शुल्क वसूले जाने की भी शिकायत है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्किंग स्थल से किसी वाहन की चोरी होने पर जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं होता. उन्होंने प्रशासन से अधिकृत पार्किंग व्यवस्था लागू करने और कूपन प्रणाली के माध्यम से शुल्क वसूली की मांग की है, ताकि वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और सरकार को राजस्व भी प्राप्त हो.
रानीश्वर प्रखंड के तोकीपुर गांव निवासी एवं मयूराक्षी विस्थापित विजय टुडू ने कहा कि सड़क किनारे और डैम प्रबंधन की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों में अधिकांश बाहरी लोग हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अवैध रूप से दुकानें ही संचालित होनी हैं, तो मयूराक्षी परियोजना के विस्थापितों को प्रशासन की ओर से वैध रूप से दुकान लगाने के लिए भूमि क्यों नहीं उपलब्ध कराई जाती. उन्होंने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने और विस्थापितों के पुनर्वास की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की.
