अभिषेक, काठीकुंड. बारिश ने दुमका-पाकुड़ मुख्य पथ की बदहाली को एक बार फिर सामने ला दिया है. काठीकुंड थाना क्षेत्र से गुजरने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर कई जगह सड़क गड्ढों में तब्दील हो गयी है, तो कहीं जलजमाव के कारण सड़क और तालाब के बीच अंतर करना मुश्किल हो रहा है. दुमका से पाकुड़ के साथ-साथ अमड़ापाड़ा और कोयला परिवहन के लिए महत्वपूर्ण इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही होती है. ऐसे में सड़क पर गड्ढे और जलजमाव वाहन चालकों के लिए परेशानी के साथ दुर्घटना का कारण भी बन रहे हैं.
कई जगह गड्ढों से बचने के लिए चालक अचानक वाहन को सड़क के दूसरे हिस्से की ओर मोड़ देते हैं. इससे आमने-सामने की टक्कर समेत अन्य दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गयी है. बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का भी अंदाजा नहीं लग पाता. खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है.
नयाडीह से कारुडीह मोड़ तक जगह-जगह सड़क जर्जर
मुख्य मार्ग पर नयाडीह, खैरबनी, गुमरा पुल, आमतल्ला, दलाही और कारुडीह मोड़ के आसपास सड़क कई जगह जर्जर हो चुकी है. बारिश के बाद इन स्थानों पर गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चलता.
वहीं, गोपीकांदर थाना क्षेत्र में रामपुर से छतरचुआं तक करीब दो किलोमीटर सड़क की स्थिति भी खराब बतायी जा रही है. इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क की समस्या और गंभीर हो गयी है.
लंबे समय तक जलजमाव रहने से सड़क पर गंदगी और दुर्गंध के साथ मच्छरों के पनपने का खतरा भी बढ़ रहा है. ऐसे में मामला सिर्फ सड़क सुरक्षा तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा का सवाल भी खड़ा हो रहा है.
गांधी चौक बना तालाब, दुकानदारों की बढ़ी परेशानी
काठीकुंड मुख्य पथ स्थित गांधी चौक बारिश के बाद पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गया है. चौराहे पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित है और आसपास का इलाका कीचड़ व जलजमाव से घिरा हुआ है.
चौक के आसपास चाय-नाश्ते समेत कई दुकानें हैं. सुबह के समय यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. सड़क पर जमा पानी के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, वहीं दुकानदारों की परेशानी भी बढ़ गयी है. वाहनों के गुजरने पर गंदा पानी दुकानों के सामने तक पहुंच जाता है.
पानी में छिपे गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के गिरने का खतरा बना रहता है. लगातार जलजमाव से गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ने की भी आशंका है.
मधुबन पुल के पास बार-बार उभर रहे गड्ढे
मधुबन पुल के समीप सड़क की स्थिति भी चिंता का कारण बनी हुई है. यहां कई बार सड़क की मरम्मत किये जाने के बावजूद कुछ ही दिनों बाद फिर गड्ढे उभर आते हैं. बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाता है और वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता.
तेज रफ्तार से आने वाले वाहनों के लिए यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार की औपचारिक मरम्मत के बजाय सड़क की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए.
प्रखंड कार्यालय के सामने भी गड्ढे और पानी
काठीकुंड प्रखंड कार्यालय के सामने मुख्य सड़क पर भी गड्ढे और जलजमाव की समस्या बनी हुई है. बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो जाने से गड्ढे दिखाई नहीं देते. प्रखंड कार्यालय में प्रतिदिन ग्रामीणों, कर्मचारियों और अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है.
ऐसे महत्वपूर्ण स्थान के सामने सड़क की बदहाल स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है. दोपहिया वाहन चालक पानी के बीच गड्ढों का अनुमान नहीं लगा पाते, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
सुभाष होटल के पास भी खतरनाक स्थिति
मुख्य मार्ग स्थित सुभाष होटल के समीप भी सड़क पर गड्ढे और जलजमाव की समस्या है. होटल के आसपास लोगों की आवाजाही के साथ सड़क पर वाहनों का दबाव भी रहता है.
बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता. गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालकों द्वारा अचानक दिशा बदलने से पीछे या सामने से आ रहे वाहनों के साथ टक्कर का खतरा बढ़ जाता है.
तत्काल सुधार की जरूरत
जानकारी के मुताबिक, दुमका से अमड़ापाड़ा तक सड़क के मरम्मतीकरण का काम प्रस्तावित है. हालांकि, स्थायी मरम्मत होने तक जर्जर हिस्सों की तत्काल मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था करना जरूरी है. खासकर जिन स्थानों पर लगातार जलजमाव हो रहा है, वहां पानी की निकासी नहीं होने से सड़क को और नुकसान पहुंचने की आशंका है.
अतिक्रमण के कारण गांधी चौक पर नहीं निकल रहा पानी
जेई अनिल सोरेन ने बताया कि कोयला परिवहन में लगी एजेंसी सड़क के मेंटेनेंस का काम देख रही है. मुख्य मार्ग पर जहां-जहां सड़क खराब है, उन स्थानों को चिह्नित कर संबंधित एजेंसी को दुरुस्त करने के लिए निर्देशित किया जायेगा.
उन्होंने बताया कि गांधी चौक पर पीएचईडी द्वारा बनाये गये नाले पर अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है. जलजमाव का असर सड़क की गुणवत्ता पर भी पड़ रहा है. संबंधित स्थानों की समस्या को चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई करायी जायेगी.
खराब सड़कों की होगी त्वरित मरम्मत : पथ निर्माण विभाग
पथ निर्माण विभाग, दुमका के सहायक अभियंता दीपक टुडू ने बताया कि मुख्य मार्गों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है. कोयला परिवहन मार्ग पर खराब हिस्सों को चिह्नित कर संबंधित मेंटेनेंस एजेंसी को जल्द मरम्मत के निर्देश दिये गये हैं. गांधी चौक पर जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए अंचल अधिकारी, काठीकुंड से समन्वय किया जायेगा. उन्होंने कहा कि सड़क की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जायेगा और जल निकासी व अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान कराया जायेगा.
