स्कैनर के जरिए साइबर ठगी : किस्त माफी का झांसा देकर बाइक मालिक से कराया भुगतान

बाइक मालिक से किस्त माफी का लालच देकर साइबर ठगों ने ₹2 लाख की ठगी की. जानें कैसे झांसे में आकर भुगता दोहरा नुकसान. जानें कैसे रहें सावधान.

दलाही : मसलिया थाना क्षेत्र के मसानजोर गांव में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है. साइबर अपराधियों ने खुद को बाइक शोरूम का कर्मचारी बताकर एक मोटरसाइकिल मालिक को किस्त माफी का लालच दिया और ऑनलाइन पेमेंट स्कैनर भेजकर उससे पैसे ट्रांसफर करा लिये. ठगी का पता तब चला, जब पीड़ित भुगतान के बाद वास्तविक शोरूम पहुंचा. इसके बाद उसे किस्त की रकम के साथ पेनाल्टी भी चुकानी पड़ी.

शोरूम से किस्त पर खरीदी थी बाइक

जानकारी के अनुसार, मसानजोर गांव निवासी निमाई राय ने करीब दो माह पहले फतेहपुर स्थित शिव दुर्गा ऑटो शोरूम से किस्त पर टीवीएस एक्सेल मोटरसाइकिल खरीदी थी. बाइक की मासिक ईएमआई 2,848 रुपये निर्धारित थी. इसी दौरान साइबर ठगों ने निमाई राय के मोबाइल नंबर पर फोन किया. ठगों ने खुद को शिव दुर्गा ऑटो शोरूम का कर्मचारी बताया और बाइक की किस्त के संबंध में बातचीत शुरू की.

दो महीने की किस्त माफी का दिया लालच

साइबर ठगों ने निमाई राय को बताया कि यदि वह तत्काल उनके द्वारा भेजे गये ऑनलाइन पेमेंट स्कैनर के माध्यम से किस्त का भुगतान करते हैं, तो उनकी दो महीने की किस्त माफ कर दी जायेगी. ठगों की बातों पर विश्वास कर निमाई राय उनके झांसे में आ गये. इसके बाद उन्होंने ठगों की ओर से भेजे गये स्कैनर के माध्यम से बताये गये खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिये.

असली शोरूम पहुंचने पर खुला ठगी का राज

भुगतान करने के बाद निमाई राय को जब संतुष्टि नहीं हुई, तो वह वास्तविक शोरूम पहुंच गये. वहां शोरूम प्रबंधन से संपर्क करने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ. शोरूम कर्मियों ने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से निमाई राय को न तो कोई फोन किया गया था और न ही कोई ऑनलाइन पेमेंट स्कैनर भेजा गया था. साथ ही शोरूम में ऐसी किसी किस्त माफी योजना के संचालन से भी इनकार किया गया.

ठगी के बाद उठाना पड़ा दोहरा आर्थिक नुकसान

साइबर ठगी का शिकार होने के बाद निमाई राय को दोहरा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. शोरूम के रिकॉर्ड में उनकी नियमित किस्त बकाया दिख रही थी. ऐसे में उन्हें वास्तविक किस्त की राशि जमा करनी पड़ी. किस्त समय पर जमा नहीं होने के कारण पेनाल्टी भी लग गयी. पेनाल्टी की राशि चुकाने के बाद ही उनका किस्त खाता दोबारा नियमित हो सका.

अज्ञात कॉल से सावधान रहने की जरूरत

घटना के बाद निमाई राय काफी परेशान हैं. शोरूम कर्मी बनकर किस्त माफी का लालच देने और ऑनलाइन स्कैनर के जरिए भुगतान कराने के इस तरीके को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है. लोगों ने ऐसे अज्ञात फोन कॉल और ऑनलाइन भुगतान के मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत बतायी है.

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By Prabhat khabar news desk

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