श्रावणी मेले में प्रशासन ने करीब 15000 से अधिक श्रद्धालुओं को परिजनों से मिलवाया

श्रद्धालु बाबा फौजदारीनाथ पर जलार्पण करने देश के अलग-अलग राज्यों से आते हैं. जलार्पण करने के बाद कुछ श्रद्धालु अपनों से बिछड़ कर अपने घर को नहीं लौट पाते

प्रतिनिधि, बासुकिनाथ राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2024 के तेरह दिन बीत चुके हैं. इस अवधि में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बासुकिनाथ पहुंचकर बाबा फौजदारीनाथ का जलाभिषेक किया एवं अपनी मनोकामना मांग कर सकुशल अपने घर लौट गये. सूचना जनसंपर्क विभाग द्वारा पिछले 13 दिनों में विभिन्न माध्यमों से लगभग 15000 से अधिक श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने का कार्य किया गया है. श्रद्धालु बाबा फौजदारीनाथ पर जलार्पण करने देश के अलग-अलग राज्यों से आते हैं. जलार्पण करने के बाद कुछ श्रद्धालु अपनों से बिछड़ कर अपने घर को नहीं लौट पाते. सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा सूचना सहायता कर्मियों की प्रतिनियुक्ति मेला क्षेत्र में बनाये गए विभिन्न शिविरों में की गयी है. जिनका मुख्य दायित्व बिछड़े श्रद्धालुओं को अपने परिजनों से मिलाना एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं हो इसे सुनिश्चित करना है. बाबा पर जलार्पण के बाद जब अपने परिजनों से बिछड़ जाते हैं ऐसे समय में सूचना सहायता कर्मी उनकी मदद करते हैं एवं ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से संपूर्ण मेला क्षेत्र में लगे साउंड सिस्टम की मदद से उनके परिजनों को ढूंढने के कार्य करते हैं. इतना ही नहीं कई बार सोशल मीडिया की मदद से श्रद्धालु के परिजन को ढूंढने का कार्य किया जाता है. सूचना सहायता कर्मी सोशल मीडिया के विभिन्न ग्रुप में श्रद्धालु के परिजनों की तस्वीर को भेजते हैं, जिसके मदद से श्रद्धालुओं के परिजनों को ढूंढने में काफी आसानी भी होती है अपने परिजनों से मिलकर श्रद्धालु जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार द्वारा मेला क्षेत्र में की गयी व्यवस्था की खूब प्रशंसा करते हैं, धन्यवाद देते हैं. जाते जाते श्रद्धालु अगले वर्ष फिर से आने की भी बात कह जाते हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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