आपदा. दुमका-जामताड़ा में आंधी-तूफान ने मचायी तबाही, विद्युत विभाग को हुआ लाखों का नुकसान
33 केवी मेन लाइन के कई पोल गिरे, जामताड़ा में भी पीएससी पोल धराशायी
दुमका : सोमवार की रात आयी आंधी-बारिश की वजह से दुमका ही नहीं पूरे संतालपरगना में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही. सबसे बुरा असर देवघर में पड़ा है. दुमका और जामताड़ा के अलावा बरहरवा, बोरियो में भी बिजली के कई खंभे गिर गये हैं. झारखंड राज्य विद्युत वितरण निगम के महाप्रबंधक राम उदगार महतो खुद देवघर में कैंप किये रहे. वहां कई इलाकों में दोपहर तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गयी थी. दुमका में तकरीबन दस बजे बिजली की आपूर्ति बहाल हो सकी.
तकरीबन बारह घंटे बिजली की आपूर्ति प्रभावित रहने की वजह से इसका असर शहरी जलापूर्ति पर भी पड़ा. अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि बीती रात आये आंधी-तूफान से मेन लाइन ही अधिक प्रभावित हुई. 33 केवी मेन फीडर में जहां आधे दर्जन पोल गिर गये, वहीं महारो-महुआडंगाल के बीच दो जगह डबल पोल भी गिर गये. इसी तरह जामताड़ा-कुंडहित मेन लाइन में 400 केजी वाले 8 पीएससी पोल गिर गये हैं. ऐसे पोल अभी अनुपलब्ध थे. वैकल्पिक तौर पर रेल पोल और पुराने पीएससी पोल लगाकर आपूर्ति बहाल करायी गयी है.
