बासुकिनाथ में भी आंधी, पानी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई घर क्षतिग्रस्त

बासुकिनाथ : चक्रवाती तूफान एवं आंधी पानी से बीती देर रात जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. जरमुंडी प्रखंड के विभिन्न गांवों में पेड़, बिजली का पोल एवं तार गिर गया. प्रखंड क्षेत्र में तेज हवा के झोकों से हजारों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ. तूफान इतना जबरदस्त था कि कई घरों के छप्पर उड़ गये. […]

बासुकिनाथ : चक्रवाती तूफान एवं आंधी पानी से बीती देर रात जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. जरमुंडी प्रखंड के विभिन्न गांवों में पेड़, बिजली का पोल एवं तार गिर गया. प्रखंड क्षेत्र में तेज हवा के झोकों से हजारों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ. तूफान इतना जबरदस्त था कि कई घरों के छप्पर उड़ गये. बासुकिनाथ-दुमका मुख्य मार्ग पर सरडीहा गांव के समीप बजरंगबली मंदिर के उपर विशाल पीपल का पेड़ गिर गया. जिससे मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया है.

गरडाअमराकुंडा पंचायत के बधिया कुसुमडीह के सूरज नारायण ईश्वर, श्रवण ईश्वर के घर पर आम का बड़ा पेड़ गिर जाने से घर क्षतिग्रस्त हो गया. तेज हवा एवं वर्षा से घर में रखा धान चावल सहित काफी समान बरबाद हो गया. वहीं चोरखेदा गांव के अनिल कुमार मंडल, विश्वनाथ मंडल, गणेश महाराणा का घर का छत उड़ गया.

पीड़ित परिवार ने अंचलाधिकारी प्रमेश कुशवाहा से इसकी शिकायत कर आर्थिक सहयोग की मांग की है. आंधी पानी में कई घरों का फूस का छप्पर उड़ गये, पेड़ की डाल टूट कर घर पर गिर गयी. ग्रामीणों ने बिजली विभाग को बिजली पोल एवं तार टूट कर गिरने की जानकारी देकर विद्युत आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है. प्रखंड क्षेत्र के सहारा, तालझारी, बरमसिया, रायकिनारी, कालाडुमरिया, हरिपुर आदि क्षेत्रों में आंधी पानी से हुए नुकसान के बारे में अपने प्रतिनिधियों से जानकारी प्राप्त किया. जरमुंडी विधायक बादल पत्रलेख ने अपने प्रतिनिधियों के द्वारा प्रखंड क्षेत्र में हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की.

ग्रामीण क्षेत्र के लोग पहुंचे विभाग के दफ्तर
मंगलवार की देर शाम ग्रामीण क्षेत्र के दर्जनों लोग बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग को लेकर महुआडंगाल पहुंचे. लोगों का कहना था कि आसनसोल, धाधकिया, चोरकट‍्टा, मुड़ाबहाल सहित कई गांवों में बिजली अब तक चालू नहीं हुई है. विभाग के अधिकारी नहीं सुन रहे. मिसत्री भी हड़ताल में हैं.
रात 10 बजे कटी, दोपहर के 2.45 बजे मिली बिजली
इधर शहरी जलापूर्ति योजना की देखरेख करने वाले शिल्पी कंस्ट्रक्शन के मैनेजर विमलेश कुमार ने बताया कि बीती रात दस बजे के करीब आंधी बारिश में जब बिजली गुल हुई थी, तो उन्हें बिजली की आपूर्ति 2.45 बजे दी गयी. ऐसे में शाम में पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी. रात में भी नौ बजे के करीब बिजली कट गयी. इससे पानी पूरा लोड नहीं हो पाया. हालांकि उन्होंने तीनों टंकिया भरे रहने से सुबह जलापूर्ति होने की बात कही है.
नया फीडर चालू होने से मिलेगी राहत
अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार ने कहा कि शहरी जलापूर्ति योजना के लिए अभी पुसारो के पास से टैपिंग कर बिजली की आपूर्ति मसलिया फीडर से की जा रही है. विभाग मसलिया के लिहए अलग से फीडर बना रहा है. यह काम डेढ़ महीने में पूरा हो जायेगा. इसके बाद शहरी जलापूर्ति योजना के लिए यह स्वतंत्र फीडर के रूप में रह जायेगा. मसलिया के लिए अलग फीडर रहने से पानी प्रभावित नहीं करेगा.

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