ज्योति गुप्ता आत्महत्या प्रकरण. ताला लगा आरोपित फरार, बंद घर के बाहर बनी अर्थी
दुमका : रविवार को दुधानी-घाट रसिकपुर मुहल्ले में अपने मायके में फंदे से झूल कर आत्महत्या कर लेनेवाली ज्योति गुप्ता के शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके ससुराल ले जाया गया. ससुराल में ताला लटका था और ससुराल के सारे सदस्य फरार थे. यह कह कर परिवार व समाज के लोग उसके ससुराल शव को लेकर गये की बेटी की डोली घर से उठती है और अर्थी ससुराल से.
ऐसे में पोस्टमार्टम के बाद ससुराल के बाहर ही ज्योति के शव को रखा गया और वहीं अर्थी बनवायी गयी, फिर वहीं से उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया. हालांकि इस दौरान ससुराल का कोई शख्स वहां मौजूद न था. पटवारी गली के बगल में रहने वाले व यूको बैंक में पदस्थापित वसंत कुमार साह के साथ ज्योति 2 दिसंबर 2016 को ब्याही गयी थी. रविवार की दोपहर बाद दुधानी के आश्रम स्कूल रोड में ज्योति ने अपने मायके में फांसी लगा ली थी.
पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत तथा ज्योति द्वारा मौत को गले लगाने से पहले छोड़े गये सुसाइड नोट के आधार पर पति वसंत समेत सात लोगों पर दहेज हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. घटना के बाद सभी आरोपित फरार हैं.
घर बसाने के लिए छोड़ दी थी नौकरी : ज्योति ने अपने सुसाइडल नोट में इस बात का भी जिक्र किया है कि उसने अपने घर को बसाने के लिए हर तरह की कोशिश की. नौकरी तक छोड़ दी. वह भी पति वसंत के कहने पर. पर वसंत उसके बाद भी उसे प्रताड़ित करता रहा. जिस दिन से वह ससुराल गयी, उस दिन से ही वसंत ने उसे बहुत तकलीफ दिया. वह जीना चाहती थी, पर उसने उसे मरने पर मजबूर कर दिया.
पति, दो भाई व भांजी बनाये गये आरोपित : नगर थाना पुलिस ने मामले में ज्योति के पिता के द्वारा की गयी शिकायत पर वसंत कुमार साह, उसके बड़े भाई विजय साह व यशवंत साह, भाभी पूजा देवी, भांजी नेहा कुमारी व किया देवी और बहन के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है. घटना के बाद से ही सभी आरोपित घर में ताला लगा कर फरार हो गये हैं.
