बासुकिनाथ : पूर्णिमा के दिन किये गये दान, नदी तथा किसी पवित्र सरोवर में स्नान करने से प्राप्त पुण्य का कभी क्षय नहीं होता है. इस मान्यता से मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं ने ब्राम्हणों को दान पुण्य किया. कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान किया. भगवान भोलेनाथ व माता पार्वती का गंठबंधन कराया. मंदिर प्रांगण में मुंडन संस्कार भी कराया गया. सूर्योदय से पूर्व महिला पुरुष श्रद्धालुओं ने नदी व तालाब में स्नान कर अपने अाराध्य देव की स्तुति कर मोक्ष की मंगलकामना की.
कइयों ने मुंडन संस्कार कराया
बासुकिनाथ : पूर्णिमा के दिन किये गये दान, नदी तथा किसी पवित्र सरोवर में स्नान करने से प्राप्त पुण्य का कभी क्षय नहीं होता है. इस मान्यता से मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं ने ब्राम्हणों को दान पुण्य किया. कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान किया. भगवान भोलेनाथ व माता पार्वती का गंठबंधन कराया. मंदिर प्रांगण में […]
