बासुकिनाथ : मंदिर संकीर्तनशाला में पिछले 82 वर्षों से ग्रामीणों द्वारा धूमधाम से रामनवमी के पावन पर्व पर पूजा-अर्चना किया जाता रहा है. समिति के सदस्यों ने बताया कि बंगला संवत् 1334 ई. से संकीर्तनशाला में इस तरह के आयोजन होते रहे हैं. संकीर्तनशाला सहित बासुकिनाथ नगरी में जगह-जगह आकर्षक विद्युत सज्जा कर गेट बनाया गया है. इसके सफल संचालन में योगेंद्र पंडा, कैलाश साह, मंतोष झा, सोमनाथ यादव, महेश साह, बराती राउत, महेश साह, नकुल पंडा, भैरो राव, जीतु झा, बादल, सारंग झा, कुंदन झा, राजू साह, दीपक राव आदि ग्रामीण लगे हुए हैं.
मंदिर संकीर्तनशाला में 81 वर्षों से होती है पूजा
बासुकिनाथ : मंदिर संकीर्तनशाला में पिछले 82 वर्षों से ग्रामीणों द्वारा धूमधाम से रामनवमी के पावन पर्व पर पूजा-अर्चना किया जाता रहा है. समिति के सदस्यों ने बताया कि बंगला संवत् 1334 ई. से संकीर्तनशाला में इस तरह के आयोजन होते रहे हैं. संकीर्तनशाला सहित बासुकिनाथ नगरी में जगह-जगह आकर्षक विद्युत सज्जा कर गेट बनाया […]
