चैती दुर्गा पूजा. सतावें दिन कालरात्री स्वरूप की पूजा-अर्चना
दुमका/नोनीहाट : चैती नवरात्र के अवसर पर उपराजधानी दुमका के दुर्गास्थान में पट खुलते के साथ पूजा अर्चना शुरू हो गयी. दुर्गास्थान मंदिर में विगत कई वर्षों से चैती नवरात्र पर प्रतिमा स्थापित कर देवी दुर्गा की अराधना की जाती है. इससे पहले सुबह-सुबह प्राण प्रतिष्ठा की गयी. इस अवसर पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही. इधर, धर्मस्थान मंदिर में श्रीरामचरित मानस नवाह परायण महायज्ञ अनुष्ठानूर्पवक शुरू हो गया.
सप्ताहव्यापी इस नवाह परायण महायज्ञ के तहत दर्जन भर पुरोहित श्री रामचरितमानस का पाठ कर रहे हैं. वहीं चैत्र नवरात्र पर भदवारी गांव में पहली बार दुर्गा की नव निर्मित प्रतिमा के साथ पूजा अर्चना शुरू हुई. विधि विधान के तहत दुर्गा सप्तशती श्लोक के पाठ से यहां के वातावरण में भक्तिमय हो गया है. भदवारी सार्वजनिक दुर्गा पूजन समिति के वरिष्ठ सदस्य विजय तिवारी एवं रामानंद सिंह, अभय सिंह ने बताया कि दुर्गा पूजन आयोजन का प्रथम वर्ष है. चैत्र नवरात्र के प्रथम दिवस से आरंभ पंडित विजय झा वैष्णवी पद्धति से वैदिक विधि विधान से पूजा करा रहे हैं. पूजन समारोह को सफल बनाने में कृष्ण कुमार ,बबन सिंह, अरविंद, विजय साह, सुभाष बरई, जुगनू सिंह, मनीष गुडू , अभिषेक, कंचन, विन्दू राय, झुनझुन राय व अन्य सक्रिय भूमिका निर्वाह कर रहे हैं.
