युवा जगेंगे तभी बचेगी साहित्य संस्कृित
एसपी कॉलेज में संताली सािहत्य िदवस धूमधाम से मनाया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नलिन सोरेन ने िसदो कान्हू के प्रतिमा पर माल्यार्पण िकया. युवाओं को साहित्य व संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया.
दुमका : एसपी कॉलेज में संताली साहित्य परिषद् द्वारा 38 वां संताली साहित्य दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि शिकारीपाड़ा विधायक नलिन सोरेन एवं जिला परिषद् अध्यक्ष जॉयस बेसरा ने संताल हूल के अमर नायक सिदो-कान्हू के तैल चित्र तथा लाल हेंब्रम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया. श्री सोरेन ने कहा कि संताल समाज की पहचान उसकी सांस्कृतिक विरासत है. इसे बचाना युवाओं की जिम्मेदारी है. संताली भाषा, संस्कृति एवं साहित्य के संरक्षण की अपील उन्होंने की. पहले संताली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाना और अब करेंसी में संताली भाषा मुद्रित होना गौरव की बात है. उन्होंने युवाओं से साहित्य के प्रति अभिरुचि बढ़ाने पर भी जोर दिया.
जिप अध्यक्ष जोसेफ बेसरा ने राज्य से बाहर गये बच्चों को अपनी भाषा एवं संस्कृति भूलने पर दु:ख जताया. कहा कि गांव में भाषा एवं संस्कृति को देख काफी खुशी महसूस होती है. एसपी कॉलेज प्राचार्य डॉ सुरेन्द्र झा ने स्वागत भाषण में कहा कि संताली भाषा को और उन्नत करने की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि संताली भाषा अब महज जनजातीय भाषा नहीं रह गई है. उन्होंने संताली भाषा को अलग पहचान दिलाये जाने पर बल दिया. यह प्रयास तभी सफल होगा, जब साहित्यिक गतिविधियां बढेंगी. कार्यक्रम में संताली भाषा में रचित पुस्तक एवं स्मारिका का अतिथियों ने विमोचन किया. आरबीआइ के अधिकारी इंनोसेंट सोरेन सहित कई अन्य ने अपने विचारों को रखा. मंच संचालन सिद्धोर हांसदा ने किया. आयोजन में आयोजन समिति से जुड़े समिति अध्यक्ष अमिन किस्कू, ठाकुर हांसदा, श्यामदेव हेंब्रम, एमानुवेल सोरेन, प्यारेलाल बेसरा, राजीव बास्की, राजेंद्र मुर्मू आदि की भूमिका सराहनीय रही.
