खनन पदाधिकारी ने की पत्थर खदानों की जांच
एक-एक कर सारे पत्थर खदानों की ली गयी तसवीर
खदानों के रिकाॅर्ड के वेरीफिकेशन के बाद होगी कार्रवाई
शिकारीपाड़ा : शिकारीपाड़ा के पत्थर औद्योगिक क्षेत्र में पत्थर माफिया सक्रिय है. सरकार की नीतियों एवं खनन प्रावधानों का धड़ल्ले से उल्लंघन हो रहा है. सड़क से सटे इलाके में स्टोन क्रशर चल रहे हैं. जबकि बिना लीज के पत्थर का उत्खनन भी हो रहा है. शनिवार को खनन पदाधिकारी अशोक कुमार तिवारी अपनी टीम के साथ शिकारीपाड़ा के चितरागड़िया एवं कौवामहल पहुंचे. जहां दो पत्थर खदानों को छोड़ अन्य पत्थर खदानों में उत्खनन कार्य में लगे लोग पदाधिकारी के पहुंचने के पहले ही फरार हो गये.
जिला खनन पदाधिकारी अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि एक खदान में उत्खनन की तैयारी चल रही थी, जबकि दो-तीन खदान के लोग भाग गये थे. कुछ पत्थर खदान में पानी भरा हुआ था, जिसमें उत्खनन बंद था. उन्होंने बताया कि एक-एक कर सारे पत्थर खदानों की तस्वीर ली गयी है. संबंधित खदानों के रिकाॅर्ड का वेरीफिकेशन किया जायेगा और उसके बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने उम्मीद जतायी कि सोमवार तक यह जांच पूरी कर ली जायेगी.
चंद मिनटों में पसर गया सन्नाटा
प्रखंड के पत्थर उद्योग से संबंधित क्षेत्र मे शनिवार को जांच टीम आने की सूचना से सन्नाटा छाया रहा. इस दौरान चिरुडीह दलदली, मकड़ापहाड़ी, सरसडंगाल, हरिपुर, पिनरगड़िया, चित्तरागड़िया, मंझलाडीह समेत सभी जगहों में अधिकांश क्रशर प्लांट एव पत्थर खदानें बंद नजर आयीं. चरचा यही थी अगर इन खदानों और क्रशर प्लांटों के पास वैध कागजात थे और सारी चीजें सही थी, तो इन्हें अपना कारोबार बंद करने की नौबत ही क्यों आ पड़ी. जब साफ हो गया कि इलाके से खनन विभाग के पदाधिकारी की गाड़ी लौट चुकी है, तब जाकर दुबारा क्रशर व पत्थर खदानें चालू हुई.
