सरकारी व्यवस्था से जनता त्रस्त
राज्य गठन का उद्देश्य पूरा होता हुआ नहीं दिख रहा. जल, जंगल व जमीन इस राज्य की पहचान थी, जिसके संरक्षण नहीं मिटाने की हो रही साजिश.
सरकार गरीबों के हित में नहीं
आदिवासियों के हक मार रही
मसलिया/ दलाही : अलग राज्य होने के बाद भी यहां की जनता सरकारी व्यवस्था से शोषित हो रही है़ महाजनी प्रथा से तंग आकर एक अलग राज्य झारखंड बना था पर आज फिर वही स्थिति पैदा हो रही है. उक्त बातें पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मसलिया के गोटिडीह में आयोजित झामुमो के कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में कही.
श्री सोरेन ने कहा कि व्यापारियों के दिमाग से हमारा राज्य चल रहा है़ इतिहास में पहली बार व्यापारियों की मदद के लिए जमीन की कीमत घटायी जा रही है़ हमारे राज्य के लोगों को काम नहीं मिल रहा है और यहां के मुखिया अन्य राज्य में जाकर वहां के लोगों को झारखंड में नौकरी देने का आमंत्रण दे रहे हैं. श्री सोरेन ने कहा कि गरीबों की जमीन को हड़पने के लिए जमीन अधिग्रहण कानून बनाया जा रहा है़ लेकिन यहां की जनता ऐसा होने नहीं देगी़
हम अपनी जमीन लीज पर देंगे उद्योग लगाने वाले को बेचेंगे नहीं. शिविर में केन्द्रीय महासचिव विजय सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार यहां की आदिवासी व मूलवासी को ठग रही है़ भाजपा की नजर यहां की खनिज संपदा पर है न कि राज्य के विकास पर झामुमो की सरकार 2019 को बनेगी और वह बहुमत की होगी़ जिला अध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि हमे सरकार के मुखौटे को जनता के सामने लाना है़ झामुमो पदयात्रा कर गांव-गांव जाकर गरीब जनता को क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं से अवगत करायेगी़
व्यापारियों के लिए जमीन हड़पना सरकार की मंशा
कार्यकर्ता रूपधन को दी श्रद्धांजलि
मसलिया प्रखंड के खरना गांव के झामुमो नेता रूपधन मुर्मू के निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व झामुमो कार्यकर्ताओं ने शोक जताया. साथ ही दो मिनट मौन रखकर उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान पूर्व सीएम श्री सोरेन ने स्व रूपधन के कार्यकाल की सराहना की.
मौके पर केन्द्रीय कार्यकारी सदस्य निशितवरण गोलदार, प्रखंड अध्यक्ष बासु टुडू, जिला उपाध्यक्ष सीताराम मिस्त्री, प्रखंड सचिव अशित वरण गोलदार सुरेश बास्की, बिरेन्द्र किस्कू,कादिर रजा, रफिक आलम दिलीप हेंब्रम, सोनी कपूर मुर्मू, प्रदीप दत्ता, अनुप दत्ता, अप्पू दास, जयदेव दत्ता, उत्तम राय, मंजू हांसदा, गोपाल राय, शिवधन मुर्मू, कलाचांद नंदी, शष्टीपद नंदी, हराधन दत्ता आदि कार्यकर्त्ता मौजूद थे़
