बिजली गुल होने पर नहीं होगी परेशानी अस्पताल में नहीं छायेगा अंधेरा
दुमका : उपराजधानी दुमका के 300 बेड वाले उत्क्रमित सदर अस्पताल में जल्द ही 110 केवी का सोलर पावर यूनिट लगाया जायेगा. रूफ टॉप सोलर पावर पैनल, बैटरी और इनवर्टर सदर अस्पताल तक पहुंच गया है. एक-दो दिन के अंदर ही इसे स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. इसके चालू हो जाने के बाद सदर अस्पताल में प्रबंधन को बिजली की किल्लत का कोई सामना नहीं करना पड़ेगा. बिजली गुल होने के बाद सोलर पावर यूनिट स्वत: काम करने लगेगा. यह प्रोजेक्ट राज्य सरकार के उपक्रम झारखंड रेनुवेबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा लगाया जायेगा.
अभी महज 15 केवी के जनरेटर से चल रहा है काम
सदर अस्पताल दुमका में अभी महज 15 केवीए का जनरेटर ही विकल्प के तौर पर उपलब्ध है, जो इतने विशाल भवन के लिए पर्याप्त नहीं है. बिजली गुल होने पर महज कुछ ही हिस्से में ही जनरेटर से उपकरण चल पाते हैं और रोशनी हो पाती है.
यूनिट लगने से खर्च में आयेगी कमी
दिन के उजाले में सोलर पावर इनर्जी का इस्तेमाल कर अस्पताल प्रबंधन बिजली में आनेवाले खर्च को भी घटाने में सक्षम होगा. इससे सरकार को राजस्व की भी बचत होगी. हॉस्पीटल मैनेजर सुदीप किस्कू ने बताया कि इसके स्थापित हो जाने से बिजली से संबंधित बहुत सारी परेशानी से निजात हमलोगों को मिल जायेगा.
