दुमका में महत्वपूर्ण योजनाएं नहीं ले पा रही मूर्त रूप
दुमका : नगर विकास विभाग से मिले आवंटन को खर्च करने और उपराजधानी दुमका को मुकम्मल नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में नगर परिषद का रवैया बिल्कुल ही उदासीन रहा है. पैसा उपलब्ध कराये जाने के कई साल बाद अब तक योजनाबद्ध विकास के लिए न तो कोई मास्टर प्लान ही मूर्त रूप ले […]
दुमका : नगर विकास विभाग से मिले आवंटन को खर्च करने और उपराजधानी दुमका को मुकम्मल नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में नगर परिषद का रवैया बिल्कुल ही उदासीन रहा है. पैसा उपलब्ध कराये जाने के कई साल बाद अब तक योजनाबद्ध विकास के लिए न तो कोई मास्टर प्लान ही मूर्त रूप ले सका है और न ही शिवपहाड़ और गांधी मैदान के सौंदर्यीकरण से संबंधित योजनाएं ही अपनी रफ्तार पकड़ पायी है.
शिवपहाड़ के सौंदर्यीकरण के लिए लाखों रुपये खर्च कर डीपीआर बनवाया गया, पर काम नहीं कराया जा सका. ऐसे में बड़ी राशि बेकार चली गयी. गांधी मैदान के भी सौंदर्यीकरण की योजना है, लेकिन उसे भी पूरा नहीं कराया जा सका है.
राशि पड़ी है बेकार
इतना ही नहीं न तो अब तक उपराजधानी में ठोस कचरा प्रबंधन की यहां व्यवस्था हो सकी है और न ही वधशाला का ही निर्माण हो सका है. इसके लिए भी राशि पड़ी हुई है. शहर के अंदर स्ट्रीट लाइट लगवाने के लिए भी तीन साल के अंदर तकरीबन तीन करोड़ रुपये आवंटित किया गया है. यह राशि भी नगर परिषद पूरा-पूरा खर्च नहीं कर सका है. जबकि शहर के अंदर विभिन्न वार्डों में स्ट्रीट लाइट लगवाने को लेकर पार्षद लगातार शिकायत करते रहते हैं.
विभागीय सुस्ती से उपराजधानी का नहीं हो पा रहा कायाकल्प
ऐसे मद, जिनमें पड़ी हुई है राशि
योजनाएं राशि
कार्यालय कंप्यूटरीकरण एवं आधुनिकीकरण (2011-12) : 10 लाख
शहरी जलापूर्ति योजना(2011-12): 467 लाख
जेनरल बेसिक ग्रांट(2012-13): 20 लाख
डीपीआर-मास्टर प्लान(2012-13): 187 लाख
शौचालय निर्माण(2012-13): 10 लाख
नागरिक सुविधाएं (2013-14): 100 लाख
पथ प्रकाश(2014-15): 100 लाख
नागरिक सुविधा(2014-15): 100 लाख
सिबरेज ड्रेनेज (2015-16): 41 लाख
शहरी परिवहन (2015-16): 25 लाख
नागरिक सुविधाएं (2015-16): 131 लाख
14 वें वित्त (2015-16): 83.88 लाख
ठोस कचरा प्रबंधन (2015-16): 29.75 लाख
विवाह भवन (2015-16): 242 लाख
एलईडी लाईट (2015-16): 100 लाख
इन सभी योजनाओं में दिखी सुस्ती
उपराजधानी दुमका में अत्याधुनिक बस स्टैंड
शिव पहाड़ एवं गांधी मैदान का सौंदर्यीकरण
प्राइवेट बस पड़ाव का जीर्णोद्धार
शहरी जलापूर्ति योजना के तहत विस्तार
कार्यालय का कंप्यूटराइजेशन व आधुनिकीकरण
पथ प्रकाश के लिए एलइडी लाइट
वधशाला का निर्माण
ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था
क्षमता संवर्द्धन व कौशल विकास