सहमति से निबटे 30 मामले
सुलह व समझौता से ही आपसी विवादों का होता है सही से निबटारा एवं न्याय पाने का भी सबसे सस्ता माध्यम है.
दुमका कोर्ट : जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तहत मंगलवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. जिसका उदघाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेंद्र नाथ पांडेय, प्रधान न्यायाधीश अवधेश कुमार मिश्रा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय आशुतोष दुबे,
प्राधिकार के सचिव अमरेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया. उदघाटन समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री पांडेय ने वादकारियों से अधिक से अधिक मामलों का निबटारा कराने की अपील की. कहा कि सुलह व समझौते के तहत मामलों का निष्पादन किया जाता है, जो न्याय का सस्ता माध्यम भी है. लोक अदालत में मामलों के निष्पादन के लिए तीन बेंचों का गठन किया गया था. इन तीन बेंचों द्वारा कुल 30 मामलों का निष्पादन किया गया
और 635500 रुपये का समझौता कराते हुए 125500 रुपये की वसूली की गयी. इसमें टाइटल क्लेम वाद संख्या 63/14 में संदीप पाल बनाम इफको टोक्यो जेनरल इंश्योरेंस कंपली लिमिटेड के लिए 325000 रुपये तथा वाद संख्या 79/11 में जगन्नाथ चौधरी बनाम राम मंडल में 120000 रुपये का समझौता किया गया. जबकि टाइटल क्लेम वाद संख्या 65/09 में मुन्नी टुडू बनाम न्यू इंडियन इंश्योरेंस कंपनी में 50000 रुपये का चेक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री पांडेय के हाथों प्रदान किया गया.
