स्थानीयता नीति समेत आदिवासियों की जमीन लेने के मामले को लेकर झामुमो ने राज्य सरकार को घेरा और इसे किसान व गरीब विरोधी बताया. वहीं इसके लिए आंदोलन करने की बात कही.
दुमका : नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सरकार की नीतियां आदिवासी किसानों को मजदूर बना रही है. खिजुरिया स्थित अपने आवास में पत्रकारों से बातचीत में श्री सोरेन ने कहा कि राज्य में लगभग 10 प्रतिशत आदिवासी किसानों में कमी आयी है, जबकि आदिवासी मजदूरों की संख्या में 9 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. इसका मतलब साफ है कि आदिवासी किसान मजदूर बनते जा रहे हैं. श्री सोरेन ने कहा कि संताल परगना में एसपीटी एक्ट लागू है.
जब जमीन बिक्री ही नहीं हो सकती. तो जमीन अधिग्रहण बाद उन्हें मिले पैसे से वे कैसे दोबारा जमीन खरीद पायेंगे. कहा, रघुवर सरकार का पांच साल राज्य के आदिवासी-मूलवासी व गरीबों के लिए भयावह साबित होगा. यह सरकार व्यापारियों-उद्योगपतियों के प्रति ज्यादा संवेदनशील है, किसानों-मजदूरों के लिए कम. ऐसे व्यापारियों-उद्योगपतियों के विरुद्ध जेएमएम का आंदोलन जारी रहेगा. उनकी पार्टी सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन करेगी. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था ठप है. अपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है. सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए.
सचिव को आइ वाॅश के लिए भेजा था
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार ने केवल आइ वाॅश के लिए ही मुख्य सचिव को दुमका भेजा था. किस नीति के तहत सरकार बैठक कर रही थी, उसे बताना चाहिए. वहीं अधिकारी यहां सुझाव लेने आये हैं, जो अडाणी को जमीन दिलाने में संलिप्त हैं. उन्होंने कहा कि इस बैठक में एसपीटी एक्ट में बदलाव का शिगुफा छोड़ा गया है. उद्योगपतियों को बसाने के लिए जिस तरीके से जमीन की कीमतें कम की गयी और मुआवजा भी दिया जाने लगा, उससे सरकार की मंशा स्पष्ट है. झामुमो जल, जंगल व जमीन की रक्षा को लेकर आवाज बुलंद करती रही है. पूरे राज्य में हम आंदोलन करेंगे.
बाहरी से भर जायेंगे पद, तब लागू होगी स्थानीय नीति ?
आजसू के रांची में उपवास कार्यक्रम पर श्री सोरेन ने कहा कि आजसू पार्टी की राजनीति भी रोचक है. सत्ता में रहने के लिए वह हर दायरे से बाहर निकल सकती है. सरकार में रहकर ही वह आवाज उठा रही है. श्री सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने स्थानीयता नीति को लेकर जो पहल की थी, वह आचार संहिता की वजह से धरातल पर नहीं आ सकी, लेकिन यह सरकार नीति बनाने की बजाय केवल सलाह मांग रही है. जिसे देखकर ऐसा प्रतित तो बिल्कुल नहीं होता. प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक हरिनारायण राय, झामुमो जिलाध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह, उपाध्यक्ष अशोक कुमार एवं नगर अध्यक्ष रवि यादव मौजूद थे.
गोड्डा व बंगाल में झामुमो देगा प्रत्याशी
झारखंड मुक्ति मोरचा के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा है कि उनकी पार्टी गोड्डा विधानसभा के उपचुनाव में अपना प्रत्याशी देगी. उन्होंने महागंठबंधन के सवाल पर कहा कि सभी दलों की अपनी-अपनी राजनीति है. झामुमो का इस क्षेत्र में अपना जनाधार है. कार्यकर्ताओं की भी भावना है कि पार्टी चुनाव लड़े.
श्री सोरेन ने यह भी साफ कर दिया कि झामुमो पश्चिम बंगाल में भी होनेवाले चुनाव को मजबूती से लड़ेगी तथा सेक्यूलर विचारधारा के साथ रहेगी. उन्होंने कहा कि अगर भाजपा को रोकने के लिए वहां की क्षेत्रीय ताकतों को झामुमो की उपयोगिता महसूस होगी, तो वे सहयोग पर विचार करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक दो चरण के चुनाव को लेकर अभी तक लगभग 15 सीटों पर पार्टी ने विचार किया है.
