दुमका : पूर्व मंत्री सह घटवार/घटवाल आदिवासी महासभा के नेता हरिनारायण राय ने कहा है कि 14 मई तक यदि घटवाल-घटवार जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल नहीं किया गया, तो इस तिथि के बाद राज्य से कोयला-बालू ही नहीं सभी तरह के खनिजों के परिवहन को रोक देने का आंदोलन होगा. रेल का परिचालन भी अनिश्चितकाल के लिए ठप कर देंगे. दुमका परिसदन में पत्रकारों से बातचीत में श्री राय ने कहा कि 1956 से पूर्व घटवालों को एसटी का दर्जा प्राप्त था, लेकिन बाद में इसे एसटी की सूची से हटाकर सामान्य कर दिया गया. राज्य में इस समाज की 35 लाख की आबादी है,
जिसमें 3 लाख लोग संताल परगना में हैं. उन्होंने कहा कि चार दशकों से घटवाल-घटवार हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, पर न तो राज्य, न ही केंद्र सरकार प्रयास कर रही है. केवल अब तक कोरा आश्वासन ही मिलता रहा है. उन्होंने बताया कि 2014 में सरकार ने टास्क फोर्स का गठन कर जब सर्वे करवाया गया था, तब रिपोर्ट में घटवाल को सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक आधार पर एसटी की सूची में शामिल करने की अनुशंसा की गयी थी, पर यह अब तक लंबित है.
