ऊर्जा क्षेत्र : वित्तीय वर्ष 2016-17 में होंगे कई काम
रांची : वित्तीय वर्ष 2016-17 में ऊर्जा क्षेत्र में 2249 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है. ऊर्जा विभाग ने इसे बजट में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है. सरकार इस बार ट्रांसमिशन व वितरण नेटकर्व के विस्तार पर बड़ी रकम खर्च करने जा रही है.
क्या है प्रस्ताव में : ऊर्जा विभाग की ओर से बनाये गये प्रस्ताव में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम(आइपीडीएस) के तहत 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. ये दोनों योजानएं केंद्र प्रायोजित हैं. राज्य योजना के तहत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में फॉरेस्ट क्लीयरेंस लेने के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं शहरों में विद्युत संरचना के विकास के लिए आरएपीडीआरपी पार्ट बी योजना में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. उत्पादन क्षेत्र में 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
सरकार इस बार ट्रांसमिशन नेटवर्क पर ज्यादा खर्च करने जा रही है. इस बार केवर ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार पर 668 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं वितरण संरचना को दुरुस्त करने के लिए भी एनुअल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत 570 करोड़ रुपये दिये जा रहे हैं. जेएसइबी के बंटवारे के बाद चार कंपनियां बनी हैं. इन कंपनियों के स्वतंत्र रूप में कार्य करने में सहायता प्रदान करने के लिए 175 करोड़ रुपये दिये जा रहे हैं.
सौर ऊर्जा पर 150 करोड़ खर्च होंगे
सौर ऊर्जा कार्यक्रमों पर सरकार 150 करोड़ रुपये खर्च करेगी. वहीं एसएलडीसी के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.अटल ग्रामीण ज्योति योजना के तहत 50 व तिलका मांझी कृषि पंप योजना के तहत 50 करोड़ रुपये तथा स्टेट प्लान से ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए 67.82 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
