दुमका : झामुमो सुप्रीमो सांसद शिबूूूू सोरेन ने शोषण के विरुद्ध जनता को जागरूक और संगठित होकर लड़ाई लड़ने का आह्वान किया. रात के 2 बजे के बाद झामुमो के 37वें झारखंड दिवस पर गांधी मैदान में जनसभा को उन्होंने संबोधित करते हुए अपने चिर परिचित अंदाज में कहा कि काम नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जरूरत पड़ी तो लाठी भी उठाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि जनता को एकजुट होकर वैसे अधिकारियों का विरोध करना होगा, जो जनता की नहीं सुनते. जनता का काम नहीं करते. कहा कि झामुमो ने महाजनी प्रथा और शोषण के खिलाफ लड़ाई शुरू की थी. आज भी शोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ने की जरूरत है. शोषण और अत्याचार के खिलाफ यह लड़ाई आज हमें बुद्धि विद्या से लड़ने की जरूरत है.
काम नहीं करने वाले पदाधिकारियों के लिए जरूरत पड़ी तो उठानी होगी लाठी
दुमका : झामुमो सुप्रीमो सांसद शिबूूूू सोरेन ने शोषण के विरुद्ध जनता को जागरूक और संगठित होकर लड़ाई लड़ने का आह्वान किया. रात के 2 बजे के बाद झामुमो के 37वें झारखंड दिवस पर गांधी मैदान में जनसभा को उन्होंने संबोधित करते हुए अपने चिर परिचित अंदाज में कहा कि काम नहीं करने वाले अधिकारियों […]

श्री सोरेन का लगभग यह 17-18 मिनट का भाषण कृषि, जल-जंगल, शिक्षा और शोषण पर ही केंद्रित थी. उन्होंने कहा कि कृषि को विकसित किये बिना और बच्चों को शिक्षित किये बिना अधिक-से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया कराना संभव नहीं है. यहां के बच्चों को नौकरी मिले इसके लिए बेटे-बेटियों को समान रूप से पढ़ाई कराना होगा. बेरोजगारी और पलायन की समस्या से निजात पाने के लिए दो फसली खेती व अधिक उत्पादन व अधिक आय वाली खेती को बढ़ावा देना होगा. नसीहत दी कि अपनी उन्नति के लिए स्वयं भी कठिन परिश्रम करना होगा. कहा कि जंगल के कटने से ग्रामीण इलाकों में प्रदूषण,जलवायु और आबोहवा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, इसलिए जंगल को कटने से बचाना होगा. वन विभाग ही लकड़ी कटवाता है. इसलिए जंगलों को बचाने का दायित्व ग्राम वन समिति को सौंपना होगा.