केवल हाजिरी बनाकर चली जाती हैं छात्र-छात्राएं
मसलिया : मसलिया प्रखंड के कु सुमघाटा संकुल अंतर्गत दुमदुमी उत्क्रमित मध्य विद्यालय में एक भी शिक्षक नहीं हैं. लिहाजा विद्यालय एक महीने से बंद है. लेकिन अब तक इस ओर किसी प्रकार की पहल करने के बजपाय विभाग उदासिन बनी हुई है. इस स्कूल में वर्ग प्रथम से अष्टम तक कुल 171 बच्चे नामांकित हैं. जिसमें वर्ग प्रथम में 17, द्वितीय में 16, तृतीय में 20, चतुर्थ में 14, पंचम में 13, षष्ठ में 34, सप्तम में 30 और अष्टम में 27 छात्र छात्रयें हैं.
छात्र राधिका मोहली, प्रमिला कुमारी, संध्यवती हेंब्रम ,गौराचांद गोरांई, रीया गोरांई, पापन गोरांई,नसीब सोरेन, रोहित गोरांई, सागेन किस्कू आदि ने बताया कि दुमदुमी स्कूल में तीन पारा शिक्षक विपीन विहारी महतो, ब्रजमोहन यादव व सहदेव मुरमू पदस्थापित थे. पिछले साल पारा शिक्षक सहदेव मुरमू की नौकरी सरकारी सरकारी शिक्षक के रूप में हो गया.
जबकि दो पारा शिक्षक विपिन विहारी महतो और ब्रजमोहन यादव का भी दिसंबर 2015 में सरकारी शिक्षक के रूप में हो गया है. अब स्थिति यह हो गयी है कि 15 दिसबंर से स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं है और सभी छात्र छात्रएं स्वयं स्कूल आते हैं व अपनी हाजरी बनाकर चले जाते है. शिक्षकों के अभाव में पढ़ाई के साथ साथ एमडीएम भी ठप है.
