डायग्नोस्टिक सेंटर के तीनों कर्मियों को किया गया कार्यमुक्त/ आउटसोर्सिंग पर थे बहाल संवाददाता, दुमकाउपराजधानी दुमका के रिजनल डायग्नोस्टिक सेंटर के तीनों कर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया गया है. इन तीन कर्मियों ने अपने बकाये मानदेय के भुगतान को लेकर कई बार आवाज उठायी थी. मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ योंगेंद्र महतो ने संयुक्त सचिव के द्वारा दिये गये दिशा-निर्देश पर कार्रवाई करते हुए इन्हें कार्यमुक्त कर दिया. 2010 में डायग्नोस्टिक सेंटर जब चालू किया गया था, जब इसे संचालित करने के लिए चंडीगढ़ के किसी कंपनी को आउटसोर्शिंग के तहत जिम्मा दिया गया था. उस वक्त से ही इसके तीन कर्मी के रुप में प्रवीण कुमार, आदिल राशिद और जसीम रजा अपनी सेवायें दे रहे थे. प्रवीण कुमार इसीजी ऑपरेटर थे, तो आदिल व जसीम लैब टेकनिशियन. इन तीनों द्वारा लगातार मानेदय भुगतान की मांग की जा रही थी. इनका कहना था कि पूर्व के सिविल सर्जन के कार्यकाल में कभी भुगतान में परेशानी नहीं हुई, लेकिन सिविल सर्जन के रुप में डॉ योगेंद्र महतो के योगदान के बाद परेशानी पैदा की जाने लगी और मानेदय मिलना बंद हो गया…………बंद नहीं होगा डायग्नोस्टिक सेंटरसिविल सर्जन डॉ योगेंद्र महतो ने कहा है कि डायग्नोस्टिक सेंटर बंद नहीं होगा. इसे स्वास्थ्य विभाग के नियमित कर्मी तथा आउटसोर्शिंग के लोगों द्वारा मिलकर चलाया जायेगा. उन्होंने कहा कि तमाम सुविधायें पूर्व की तरह जारी रहेंगी………………संयुक्त सचिव ने कहा कैसे होता रहा भुगतानसीएस द्वारा किये गये पत्राचार के जवाब में संयुक्त सचिव ने कहा है कि किसी तरह इन कर्मियों को भुगतान होता रहा. उन्होंने भुगतान करने वालों की पहचान कर जानकारी उपलब्ध करायी जाय. इधर इन कर्मियों की दलील है कि अगर ऐसी बात थी तो काम किस तरह उनसे लिया जाता रहा.
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