संकीर्तन से होता है संपूर्ण पापों का नाश : फणिभूषण पाठक प्रतिनिधि, बासुकिनाथ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के सप्तम दिन मंगलवार को खैतोरी धर्मशाला बासुकिनाथ में भक्तों ने भागवत रूपी कथा के भक्ति सागर में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य किया. कथा व्यास आचार्य फणिभूषण पाठक ने कहा कि श्रीमद्भागवत को प्रणाम करने मात्र करने से संपूर्ण दु:खों का शमन हो जाता है. संकीर्तन करने से पापों का नाश हो जाता है. संसार में अपना कुछ भी नहीं है. जो कुछ है वह भगवान का ही है अगर मनुष्य भगवान के सिवाय किसी को भी अपना मान ले तो उनकी भूल है. संसार सर्वथा मिलता हुआ दिखता तो भी अपना नहीं है. वेद व्यास कहते हैं कि भगवान कभी धनी, गरीब, छोटा-बड़ा नहीं देखते. भगवान तो भाव के भुखे हैं. श्रद्धा से पुकारने पर संपूर्ण मनोकामना पूर्ण करते हैं. ————————– फोटो-8 बासुकिनाथ भागवत-01—————————- कथा कहते आचार्य फणिभूषण पाठक—————————-
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संकीर्तन से होता है संपूर्ण पापों का नाश : फणिभूषण पाठक प्रतिनिधि, बासुकिनाथ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के सप्तम दिन मंगलवार को खैतोरी धर्मशाला बासुकिनाथ में भक्तों ने भागवत रूपी कथा के भक्ति सागर में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य किया. कथा व्यास आचार्य फणिभूषण पाठक ने कहा कि श्रीमद्भागवत को प्रणाम करने मात्र […]
