विकलांगता पेंशन के लिए अनाथ पहाडिया युवक 8 माह से लगा रहा अंचल कार्यालय का चक्कर मित्रों की मदद से चल रही किसी तरह पढ़ाईप्रतिनिधि, काठीकुंडवर्तमान सरकार जहा समाज के हर तबके के अंतिम लोगों तक अपनी कल्याणकारी योजनाओं को पहुचाने की हर संभव कोशिश में लगी है, वहीं प्रखंड के नक्सल प्रभावित पंचायत के एक युवक जो शारीरिक रूप से निःशक्त है और अपने गांव से निकल स्नातक की पढ़ाई पूरी करने की कोशिश में लगा हुआ है, उसका निःशक्तता पेंशन पिछले 8 माह से बंद है. प्रखंड के घोर नक्सल प्रभावित पंचायत बड़ाचपुड़िया के अनुसूचित जनजाति समुदाय का निःशक्त पहाड़िया युवक चंपई देहरी पिछले 8 माह से विकलांगता पेंशन के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर लगा रहा है. चंपई ने बताया की वह एस पी कालेज में बीए पार्ट 1 का छात्र है. माता पिता के गुजरने के बाद से मित्रो के सहयोग से आगे की पढ़ाई कर रहा है. परिवार का भरण पोषण भी बमुश्किल हो पाता है. ऐसे में पिछले 8 माह से पेंशन भी बंद है. चम्पई ने बताया की इसे लेकर अंचल कार्यालय में संपर्क करने पर सीडीपीओ कार्यालय से संपर्क करने को कहा गया. कहा कि इतने दिनों से यहां वहां भटकते भटकते परेशान हो चूका है. थक हार कर अपनी समस्या को लेकर उपायुक्त के पास जा कर निदान के लिए गुहार लगाने का अंतिम प्रयास करने की बात कही.तस्वीरकाठीकुंड चंपई
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विकलांगता पेंशन के लिए अनाथ पहाडिया युवक 8 माह से लगा रहा अंचल कार्यालय का चक्कर मित्रों की मदद से चल रही किसी तरह पढ़ाईप्रतिनिधि, काठीकुंडवर्तमान सरकार जहा समाज के हर तबके के अंतिम लोगों तक अपनी कल्याणकारी योजनाओं को पहुचाने की हर संभव कोशिश में लगी है, वहीं प्रखंड के नक्सल प्रभावित पंचायत के […]
