पंचायत//गांव की सरकार ही बनायेगी पंचायत का बजट: डीसी ग्राम स्वराज्य के सपनों को साकार करने का माध्यम है पंचायती राज व्यवस्था डीसी ने ग्रामीणों को ग्राम पंचायत के औचित्य व उसके दायित्वों से कराया अवगत संवाददाता, दुमकाराष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने जिस ग्राम स्वराज की कल्पना की थी और उसका नारा दिया था, उसे साकार बनाना हरेक नागरिक का कर्त्तव्य है. बापू के सपनों को साकार करने के लिए के ही पंचायती राज संस्थाओं की स्थापना की गई है. ये बाते उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने दुमका एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में ग्रामीणों को ग्राम पंचायत के औचित्य तथा उसके कार्य दायित्वों के बारे में समझाते हुए कही. उन्होंने कहा कि इसके तहत प्रत्येक 500 की आबादी पर वार्ड सदस्य, 5000 की आबादी पर एक मुखिया तथा पंचायत समिति सदस्य तथा 50,000 की आबादी पर जिला परिषद् सदस्य पद का चुनाव सीधे जनता द्वारा किये जाने का प्रावधान है. प्रावधान के अनुसार राजस्व गांव में एक ग्रामसभा होगी. उस गांव के मतदाता सूची में पंजीकृत समस्त लोग उसके सदस्य होंगे. ग्रामसभा की बैठक की अध्यक्षता मुखिया या उनकी अनुपस्थिति में बैठक में उपस्थित सदस्यों के बहुत से तय किये गये व्यक्ति होंगे. बैठक तभी मान्य होगी जब उसमें कुल पंजीकृत मतदाताओं का कम से कम 1/10वां हिस्सा उस बैठक में मौजूद होंगे, जिसमें न्यूनतम 1/3 महिलाएं होंगी. बैठक में वर्ष के हिसाब-किताब पिछले वर्ष का लेखा-जोखा आॅडिट रिपोर्ट ग्रामीण विकास योजनाओं से संबंधित कार्यक्रम, ग्राम पंचायत का वार्षिक योजना, निगरानी समिति रिपोर्ट आदि पर चर्चा की जायेगी. ग्रामसभा के लिए लाभुकों का चयन, सामुदायिक कल्याण कार्यक्रम को गतिशील बनाना, जन सामान्य की चेतना, एकता एवं सौहार्द में अभिवृद्घि करना, स्वच्छता, सफाई और शांति व्यवस्था बहाल करना, ग्रामीण सड़क, पुलिस, पुल, बांध और अन्य सार्वजनिक परिसम्पतियों का निर्माण, अनुरक्षण और उसका प्रबंधन आदि करना है.डीसी ने बताया कि प्रत्येक 5000 की आबादी पर एक ग्राम पंचायत गठन की व्यवस्था की गई है, जनता द्वारा चुने गये वार्ड सदस्य इसके सदस्य होंगे. मुखिया इसके प्रधान होंगे तथा वार्ड सदस्यों में से ही एक सदस्य उप मखिया होंगे जो मुखिया की अनुपस्थिति में मुखिया के तमाम दायित्वों का निर्वहन करेंगे. ग्राम पंचायत समिति, विकास समिति, महिला, शिशु एवं समाजिक कल्याण समिति, स्वास्थ शिक्षा एवं पर्यावरण समिति, आधारभूत संरचना समिति आदि में मुखिया एवं उप मुखिया पदेन सदस्य होंगे जबकि ग्राम पंचायत के सचिव इन समितियों के पदेन सचिव होंगे. ग्राम पंचायत के प्रमुख कार्यों में कर लगाना, विकास कार्यों के लिए खर्च करना, राज्य वित्त आयोग द्वारा सहायता अनुदान प्राप्त करना, पंचायत का बजट बनाना, खर्च का हिसाब-किताब रखना आदि शामिल है. उन्होंने पंचायत समिति, मुखिया तथा जिला परिषद के कार्य एवं दायित्वों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
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