ओके :: रानीश्वर का ऐतिहासिक डाक बंगाला आज भी उपेक्षित

रानीश्वर. रानीश्वर बाजार के पास ऐतिहासिक डाक बंगला आज भी उपेक्षित है़ यह डाक बंगला जिला परिषद के अधीन है़ अंगरेज के जमाने में बना इस डाक बंगला का इतिहास रहा है़ देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद आजादी के पहले यहां रूके थे़ वे यहां मसानजोड़ डैम का शिलान्यास के लिये आये थे. […]

रानीश्वर. रानीश्वर बाजार के पास ऐतिहासिक डाक बंगला आज भी उपेक्षित है़ यह डाक बंगला जिला परिषद के अधीन है़ अंगरेज के जमाने में बना इस डाक बंगला का इतिहास रहा है़ देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद आजादी के पहले यहां रूके थे़ वे यहां मसानजोड़ डैम का शिलान्यास के लिये आये थे. एक समय इस डाक बंगला का रौनक था़ प्रशासनिक उपेक्षा के कारण डाक बंगला का भवन धीरे-धीरे जर्जर होते चला गया़ 32 साल बाद पंचायत चुनाव हुआ़ मुखिया व पंचायत समिति के सदस्यों के साथ-साथ जिला परिषद के सदस्य भी चुनाव जीत कर सदस्य बने़, पर रानीश्वर के ऐतिहासिक डाक बंगला भवन की मरम्मत या नया भवन के लिए भी कोई पहल नहीं हुई़ जिला परिषद सदस्य आमोती दासी ने बताया कि डाक बंगला के लिए जिले में कई बार उठाये हैं़ पर अभी तक स्वीकृत नहीं मिली है.———–फोटो 20 डीएमके/रानीष्वररानीष्वर का ऐतिहासिक जर्जर डाक बंगला

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