ग्रामीणों को किया जायेगा जागरूककृषि को बढ़ावा देना का किया जायेगा हर संभव प्रयाससंवाददाता, दुमकाभारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के निर्देश पर कृषि विज्ञान केंद्र दुमका के वैज्ञानिकों ने एक-एक गांव को गोद लेने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है. इसके लिए गांवों का चयन एवं बेस लाइन सर्वे का काम कृषि वैज्ञानिकों ने शुरू कर दी है. पशुपालन वैज्ञानिक डॉ संजय कुमार ने सदर प्रखंड के तुलारायडीह गांव का चयन कर गोद लिया. इस गांव का क्षेत्रफल 43 हेक्टेयर है एवं 14 परिवार रहते हैं. अगले एक वर्ष तक केवीके द्वारा प्रशिक्षण, प्रत्यक्षण, गोष्ठी व कृषक दिवस आदि आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जायेगा. इसी प्रकार गृह वैज्ञानिक सीमा सिंह ने शिकारीपाड़ा के पलमा गांव का चयन किया है. पलमा गांव 394 हेक्टयेर में फैला हुआ है, जहां खेती योग्य 170 हेक्टेयर जमीन है. यहां 89 परिवार बसे हुए हैं. इस गांव में श्रीमती सिंह ने दलहन व तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बना कर उन्हें कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा. गांव में उपलब्ध बेल, आम, कटहल आदि फलों पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण व मूल्य वर्द्धन तथा बाजार आधारित प्रशिक्षण देने की भी योजना बनायी गयी है. इसके लिए ऑन कैंपस व ऑफ कैंपस प्रशिक्षण भी आयोजित किया जायेगा. तुलारायडीह व पलमा दोनों गांव के चयनित कृषकों को केवीके में आयोजित विभिन्न एक्सपोजर इत्यादि में आमंत्रित किया जायेगा. प्रशिक्षण उपरांत फॉलोअप एवं इंपैक्ट का आकलन किया जायेगा. वैज्ञानिकों के भ्रमण दल में कार्यक्रम समन्वयक डॉ श्रीकांत सिंह मौजूद थे.————————–फोटो
केवीके के कृषि वैज्ञानिकों ने लिया गांव को गोद
ग्रामीणों को किया जायेगा जागरूककृषि को बढ़ावा देना का किया जायेगा हर संभव प्रयाससंवाददाता, दुमकाभारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के निर्देश पर कृषि विज्ञान केंद्र दुमका के वैज्ञानिकों ने एक-एक गांव को गोद लेने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है. इसके लिए गांवों का चयन एवं बेस लाइन सर्वे का काम कृषि वैज्ञानिकों ने शुरू कर […]
