संवाददाता, दुमकासंताल परगना खतियानी रैयती मोरचा के बैनर तले बालू घाटों की नीलामी रद्द करने की मांग को लेकर लोगों ने एक दिवसीय धरना दिया तथा उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा. धरना को संबोधित करते हुए रामचंद्र मांझी ने कहा कि पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आनेवाले इलाकों में बालूघाटों की नीलामी कराने को अनुचित ठहराया तथा इसे संताल परगना में प्रचलित परंपरा को दरकिनार करने वाली नीति करार दिया. श्री मांझी ने कहा कि पेसा कानून का सम्मान होना चाहिए और बालूघाटों की नीलामी या प्रबंधन का अधिकार संबंधित ग्रामसभा को दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा संताल परगना के युवकों से नौकरी व रोजगार को छीनकर बाहरी लोगों से लुटवाने के लिए यह सरकार आतुर दिख रही है. उन्होंने कहा कि इस प्रमंडल में रहने वाो खतियानी रैयतों के अलावा किसी अन्य को किसी भी प्रकार के सरकारी पद में बहाल नहीं किया जाना चाहिए. धरना को सुरुन सोरेन, प्रेमचंद किस्कू, गोपाल मुर्मू, आनंद किस्कू, विमल हांसदा आदि ने संबोधित किया.——————–फोटो13-दुमका-धरना——————–
पेज-3//संताल परगना खतियानी रैयती मोरचा ने दिया धरना
संवाददाता, दुमकासंताल परगना खतियानी रैयती मोरचा के बैनर तले बालू घाटों की नीलामी रद्द करने की मांग को लेकर लोगों ने एक दिवसीय धरना दिया तथा उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा. धरना को संबोधित करते हुए रामचंद्र मांझी ने कहा कि पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आनेवाले इलाकों में बालूघाटों की नीलामी कराने […]
