आमतल्ला गांव में नहीं है विद्यालय

300 की आबादी वाला गांव विद्यालय विहीनसरकार का नहीं इस ओर कोई ध्यानप्रतिनिधि, काठीकुंडएक तरफ जहां विद्यालयों में नामांकन व ठहराव सुनिश्चित करने के लिए तरह-तरह के अभियान चलाये जा रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी गांव हैं. जहां बच्चे स्कूल तो जाना चाहते हैं लेकिन गांव में स्कूल न होने की वजह से वे […]

300 की आबादी वाला गांव विद्यालय विहीनसरकार का नहीं इस ओर कोई ध्यानप्रतिनिधि, काठीकुंडएक तरफ जहां विद्यालयों में नामांकन व ठहराव सुनिश्चित करने के लिए तरह-तरह के अभियान चलाये जा रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी गांव हैं. जहां बच्चे स्कूल तो जाना चाहते हैं लेकिन गांव में स्कूल न होने की वजह से वे शिक्षा के अधिकार से वंचित हैं. काठीकुंड प्रखंड के बिछियापहाड़ी पंचायत का आमतल्ला गांव उनमें से एक है. गांव में कुल 60 परिवार निवास करते हैं. गांव गांव प्रधान टोला, नीचे टोला व रोड टोला में बंटा है. लगभग 300 की आबादी वाला यह गांव विद्यालय विहीन है. बच्चे गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित चौधार गांव में देवडीह स्कूल पढ़ने के लिए जाते है. कुछ बच्चे इतने ही दूर उखड़ा पहाड़ी स्कूल या फिर ढ़ाई किलोमीटर दूर निझोर गांव के स्कूल जाते हैं. विद्यालय दूर होने की वजह से बच्चे अकसर पढ़ाई करने के लिए नहीं जा पाते हैं. आमतल्ला के ग्रामीण माईकल मुर्मू ने कहा कि बच्चे छोटे होने की वजह से विद्यालय नहीं जा पाते. अगर प्राथमिक स्तर तक का विद्यालय खोला जाए तो बच्चों को हर रोज विद्यालय का लाभ मिलेगा और उन्हें दूर भी जाना नहीं पडे़गा. ग्रामीण सोलेमान हेंब्रम ने भी गांव में विद्यालय के निर्माण की मांग की है. गांव पहुंचने पर गांव में छोटे-छोटे बच्चे खेल रहे थे. स्कूल नहीं जाने का कारण पूछने पर कहा कि विद्यालय दूर होने के कारण हम हर रोज स्कूल नहीं जा पाते हैं. ……………………………………फोटो 9 डीएमके काठीकुंड 1 1.आमतल्ला गांव में विद्यालय नही रहने के कारण खेलते बच्चे2.सुलेमान हेंब्रम3.माईकल मुर्मू…………………………….

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