मेहरमा मेला मैदान को अतिक्रमणमुक्त कराने का मामला
मेहरमा : मेहरमा स्थित मेला मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर गुरुवार को प्रशासन का बुलडोजर के म।दान पर पहुंचते ही प्रशासन को अतिक्रमणकारियों के विरोध का सामना करना पड़ा. इस कारण अतिक्रमण हटाये बिना ही बुलडोजर को प्रशासन ने वापस कर लिया.
बुलडोजर को देखते ही मैदान में रह रहे महिला व बच्चे अपने आशियाने को बचाने के लिये आगे आ गये. इस कारण प्रशासन का दस्ता आगे नहीं बढ़ पाया. इतना ही अतिक्रमणकारियों ने मेहरमा चौक पर सड़क को दो घंटे के लिये जाम कर दिया.
अतिक्रमणकारियों के विरोधी तेवर को देखते हुए एसडीओ गोरांग महतो ने अतिक्रमण हटाओ टीम को वापस लिया और आश्वासन पर रोड जाम हटाया. एसडीओ श्री महतो ने कहा कि 15 दिनों का समय दिया गया है. अतिक्रमण करने वाले का्रजाद के साथ अपना पक्ष रखें. पक्ष नहीं रखने पर 16 वें दिन कार्रवाई की जायेगी.
क्या है मामला
मेहरमा मेला मैदान 52 बीघा में फैला है. इसका 32 लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है आ घर आदि बनाकर रह रहे हैं. करीब दो साल से स्थानीय सामाजिक संगठनों ने मेला मैदान को मुक्त कराने की मांग को लेकर कई बाद आंदोलन किया. कई बार प्रशासनिक कार्रवाई की गयी.
इसके बद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया. प्रशासन ने निर्धारित तिथि के तहत गुरुवार को मेहरमा बीडीओ राजीव कुमार, प्रयुक्त दंडाधिकारी सह जेइ मनोज कुमार, सौ से अधिक पुलिस जवानों के साथ जिला से एसडीओ गोरांग महतो, डीएसपी अजीत कमार, इंस्पेक्टर मिथलेश कुमार सिन्हा, थाना प्रभारी मेहरमा जनार्दन सिंह, बेलबड्डा हरिनारायण सिंह, बुलडोजर के साथ पहुंचे थे.
मिल रहा पंचायत प्रतिनिधि का सहयोग
पूरे मामले में प्रशासन को विरोध का सामना करना पड़ रहा है. लोगों को आंदोलन की राह में लाने का काम पंचायत प्रतिनिधि द्वारा किया जा रहा है. परदे के पीछे से ऐसे प्रतिनिधि बार बार लोगों को प्रेरित कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने से रोकने का काम कर रहे हैं.
सड़क जाम करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं
दो घंटे तक सड़क जाम कर लोगों को आवागमन में परेशान करने तथा कोयला ढुलाई में बाधा पहुंचाने वाले आंदोलनकारियों के खिलाफ शाम तक पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है. लोगों में इस बात को लेकर चर्चा है कि मामले पर आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिये. हर किसी को आंदोलन के लिये सड़क ही मिलता है.
