प्रतिनिधि, रानीश्वरवृंदावनी पंचायत के बुधुडीह, पाकुड़तला, सुंदरडीह गांव का जो हाल है वह पूरी तरह व्यवस्था का मुंह चिढ़ा रहा है. यहां के लोग आज भी गंदे पानी से जाना जीवन चला रहे हैं. नेता अफसर जहां आरओ का पानी पीते हैं वहीं उसी जिले के लोग पहाड़ों से रिसते गंदे पानी पीते हैं. इन गांवों में एक भी चापानल नहीं है जो लोगों को थोड़ी सुविधा दे सके. सबसे दुखद बात यह है कि जिस झरने का पानी लोग पीते हैं उसमें गांव के मवेशी भी पानी पीते हैं और नहाते हैं. एक जगह जल जमाव के वजह से पानी में कीड़े भी हो गये हैं, बावजूद इसके वहां का पानी पीना लोगों के लिए मजबूरी है.ग्रामीणों ने बताया कि इन गांवों में चापानल लगाने को लेकर कई बार पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन ग्रामीणों की बातों को अनसुनी कर दिया जाती है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को भी इस समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक इस ओर किसी प्रकार की पहल नहीं हुई है.ऐसे हो सकती है व्यवस्थाजानकारों का कहना है कि बुधुडीह गांव तक पहुंचने के लिए सड़क तक नहीं है, लेकिन विभाग द्वारा इस गांव में पेयजल की व्यवस्था करने की इच्छा हो तो अत्याधुनिक बोरिंग गाड़ी के जरिये, उसी गाड़ी को पहाड़ी रास्ते गांव तक पहंुचा कर चापानल गाड़ा जा सकता है़ एक ओर जहां विभाग द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.बीमार हो रहे लोगगंदा पानी पीकर कौन स्वस्थ रह सकता है. इन गांव के लोग भी आये दिन बीमार होते रहते हैं. माना जाय तो बच्चे इसी कारण कुपोषण के शिकार भी हो रहे हैं. मजबूरी में लोग अपना जीवन दावं पर लगा रहे हैं……………………………….फोटो 7 डीएमके/रानीष्वरझरने का गंदा पानी पीते ग्रामीण.
बुधुडीह// बुधुडीह गांव का कब होगा विकास
प्रतिनिधि, रानीश्वरवृंदावनी पंचायत के बुधुडीह, पाकुड़तला, सुंदरडीह गांव का जो हाल है वह पूरी तरह व्यवस्था का मुंह चिढ़ा रहा है. यहां के लोग आज भी गंदे पानी से जाना जीवन चला रहे हैं. नेता अफसर जहां आरओ का पानी पीते हैं वहीं उसी जिले के लोग पहाड़ों से रिसते गंदे पानी पीते हैं. इन […]
