जनगणना सूची से नाम हटाया, आदिवासी खटखटायेंगे कोर्ट का दरवाजा

प्रतिनिधि, सरैयाहाटसरैयाहाट प्रखंड के नावाडीह पंचायत में वषार्ें से निवास कर रहे अनुसूचित जन जाति को जनगणना सूची से गायब करना विभागीय लापरवाही को उजागर करता है. जनगणना 2011 में नावाडीह पंचायत में अनुसूचित जन जाति की संख्या शून्य कर दी गयी है. जबकि जनगणना के पूर्व कई सर्वे में नावाडीह पंचायत के ऋषिवेल गांव […]

प्रतिनिधि, सरैयाहाटसरैयाहाट प्रखंड के नावाडीह पंचायत में वषार्ें से निवास कर रहे अनुसूचित जन जाति को जनगणना सूची से गायब करना विभागीय लापरवाही को उजागर करता है. जनगणना 2011 में नावाडीह पंचायत में अनुसूचित जन जाति की संख्या शून्य कर दी गयी है. जबकि जनगणना के पूर्व कई सर्वे में नावाडीह पंचायत के ऋषिवेल गांव में आदिवासी ही निवास करते आये हैं और इस पंचायत में आदिवासियों की कुल आबादी करीब 250 है. पिछले पंचायत चुनाव में मुखिया पद आदिवासी महिला के लिए आरक्षित था. इस मामले में पंचायत में निवास कर रहे आदिवासियों ने उपायुक्त, बीडीओ व झारखंड के मुख्य सचिव को एक शिकायत पत्र देकर सूची में सुधार करने एवं दोषी कर्मचारी पर कार्यवाई करने की मांग की है. आदिवासियों ने बताया कि अगर सूची में अविलंब सुधार नहीं की जाती तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटायेंगे. ‘भूल तो हुई है पर यह कंप्युटर ऑपरेटर या प्रगणक से हुई है यह जांच का विषय है. पंचायत में आदिवासी के लोग रहते हैं. जनगणना की सभी रिपोर्ट विभागीय पदाधिकारी को भेज दी गयी है. प्रखंड स्तर से सुधार होना संभव नहीं है.गौतम कुमार, बीडीओ, सरैयाहाट————————————-

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