संवाददाता, दुमकागुमला जिले के आरसीएच पदाधिकारी डॉ रामवचन चौधरी की अपराधियों द्वारा की गयी हत्या के विरोध में उपराजधानी दुमका में न सिर्फ चिकित्सक हड़ताल पर रहे, बल्कि उनके निजी क्लिनिक और नर्सिंग होम तक बंद रखा गया. सदर अस्पताल में ओपीडी सेवा बंद रही, जिससे की तीन से चार सौ मरीज को वापस बिना इलाज और बिना चिकित्सीय परामर्श के लौट जाना पड़ा. सदर अस्पताल में हालांकि आपातकालीन सेवा उपलब्ध थी, जिसके तहत कुछ गंभीर मरीजों का इलाज चला. जो चिकित्सक आपातकालीन सेवा में थे, वे भी काला बिल्ला लगाकर ही सेवा देते दिखे.—————–एके दास रोड व नापित पाड़ा में रहा सन्नाटाचिकित्सकों के निजी क्लिनिक, नर्सिंग होम एवं मेडिकल स्टोर्स की वजह से हमेशा व्यस्त रहने वाला एके दास रोड नापित पाड़ा में सन्नाटा पसरा रहा. इस रोड में अन्य दिनों में जहां चिकित्सकों को दिखाने को लेकर गांव-देहात से हजारों लोग दिन भर में आते-जाते रहते थे. वहां बुधवार सन्नाटा ही दिखा.————-आइएमए के बैनर तले चिकित्सक दिखे एकजुटइंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले सरकारी और प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों ने एकजुटता दिखाते हुए हड़ताल में रहकर इस घटना की निंदा की और अपराधियों को गिरफ्तार कर अविलंब कार्रवाई करने की मांग की. चिकित्सकों ने इस बाबत बैठक भी की, जिसमें अध्यक्ष डॉ डीएन पांडेय, झासा सचिव डॉ वीके सिन्हा, उपाध्यक्ष डॉ एएम सोरेन, डॉ अरुणाभ प्रभाकर, डॉ आरपी वर्मा, डॉ अभय प्रसाद, डॉ आरबी सिंह, डॉ एके सिंह, डॉ पंकज बिराजी एवं डॉ कुमार बागीश मौजूद थे.———फोटो6-दुमका-706-दुमका-716-दुमका-72————सदर अस्पताल में बंद पड़ा ओपीडी का रजिस्ट्रेशन काउंटर. चिकित्सक व मरीज के बिना सूना अस्पताल प्रांगण/ वार्ड में पड़े मरीज/ बैठक करते आईएमए के सदस्यगण.————-
डॉक्टर हड़ताल पर // सदर अस्पताल के ओपीडी से बिना इलाज के लौटे मरीज/
संवाददाता, दुमकागुमला जिले के आरसीएच पदाधिकारी डॉ रामवचन चौधरी की अपराधियों द्वारा की गयी हत्या के विरोध में उपराजधानी दुमका में न सिर्फ चिकित्सक हड़ताल पर रहे, बल्कि उनके निजी क्लिनिक और नर्सिंग होम तक बंद रखा गया. सदर अस्पताल में ओपीडी सेवा बंद रही, जिससे की तीन से चार सौ मरीज को वापस बिना […]
