आके :::: स्थानीयता नीति व भूमि अधिग्रहण को लेकर हुई बैठक

संवाददाता, दुमकाहिजला परिसर में रविवार को एक बैठक हुई. इसमें दुंदिया, चूनडोभा, रांगा, झांझरा, सीताकभर, बिजगोंड़ा, हिजला, धतिकबोना, बुरुडीह, हडवाड़ी गांव के मांझी ने भाग लिया. इस दौरान स्थानीय नीति और भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर विचार विमर्श किया. कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल आदिवासी, किसानों और गरीबों के हित में नहीं है. इससे गरीबों […]

संवाददाता, दुमकाहिजला परिसर में रविवार को एक बैठक हुई. इसमें दुंदिया, चूनडोभा, रांगा, झांझरा, सीताकभर, बिजगोंड़ा, हिजला, धतिकबोना, बुरुडीह, हडवाड़ी गांव के मांझी ने भाग लिया. इस दौरान स्थानीय नीति और भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर विचार विमर्श किया. कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल आदिवासी, किसानों और गरीबों के हित में नहीं है. इससे गरीबों के ऊपर शोषण और बढ़ जायेगा. इसे किसी भी हालत में लागू नहीं करने दिया जायेगा. स्थानीयता के मुद्दे पर निर्णय लिया कि झारखंड का स्थानीयता का आधार 1932 खतियान ही होना चाहिए. 1932 खतियान आधार नहीं होने पर झारखंड के मूल रैयत को बहुत नुकसान है. इस अवसर पर रमेश हेंब्रम, होपना बास्की, चंदन मुर्मू, प्रधान मरांडी, रुबेन हेंब्रम, सुनील मरांडी, सुनिलाल हांसदा, नंदलाल सोरेन, मोतीलाल मरांडी, सुनील मरांडी, छोटे मुर्मू, लखीराम मुर्मू, शिव मरांडी, पलटन बास्की, संजली सोरेन, मुखी सोरेन, सोम हांसदा, अंजय हेंब्रम, किरण सोरेन, पानमुनि मरांडी आदि थे.——-फोटो26-दुमका-स्थानीयता

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >