अधिवक्ताओं की कार्य क्षमता संवर्द्धन पर कार्यशाला आयोजित

प्रतिनिधि, दुमका जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम आशुतोष दुबे की अध्यक्षता में रविवार को अधिवक्ताओं की कार्य क्षमता संवर्द्धन पर कार्यशाला आयोजित की गई. जिसमें अधिवक्ताओं को विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तकनीकी पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई. जिला जज श्री दुबे ने सीआरपीसी, सीपीसी साक्ष्य अधिनियम […]

प्रतिनिधि, दुमका जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम आशुतोष दुबे की अध्यक्षता में रविवार को अधिवक्ताओं की कार्य क्षमता संवर्द्धन पर कार्यशाला आयोजित की गई. जिसमें अधिवक्ताओं को विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तकनीकी पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई. जिला जज श्री दुबे ने सीआरपीसी, सीपीसी साक्ष्य अधिनियम के बारे में जानकारी दी. सीजेएम धीरेंद्र मिश्रा ने कानूनी जानकारी देते हुए कहा कि देश में जितने भी कानून बने हैं और सबको इसकी जानकारी दी जाय. प्राथमिकी दर्ज करने के बाद उसकी एक प्रति नि:शुल्क वादी को उपलब्ध करायी जाती है. न्यायालय में ट्रायल के दौरान अभियोजन की ओर से साक्षी को उपस्थित करना होता है. साक्षी उपस्थित नहीं किये जाने पर समय पर आवेदन देना होता है नहीं देने पर न्यायालय अभियोजन के केस को बंद करने का अधिकार है. प्राधिकार के सचिव राधाकृष्ण ने अभियोजन का उद्देश्य और उनके कार्यों के बारे में विस्तार से बताया. जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गोपेश्वर झा एवं अधिवक्ता आरएन पांडे ने न्यायालय में होने वाले प्रति परीक्षण के तरीकों के बारे में बताया. कार्यशाला में प्राधिकार के पैनल, रिटेनर, विजिटर अधिवक्ता गण एवं पारा लीगल वोलेंटियर उपस्थित थे. …………………………………फोटोअधिवक्ता-1/2———————–

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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