प्रतिनिधि,काठीकुंडकभी पेड़ों से पटा रहने वाला काठीकुंड बगान का वजूद मिटता जा रहा है. इस बगान में आम, सागवान, शीशम, महुआ, सखुआ जैसे मूल्यवान कीमती पेड़ हुआ करते थे. गरमी के दिनोंे में लोग शाम ढलते ही यहां पहुंच कर ठंड पाते थे और राहत महसूस करते थे. पेड़ों पर लगे फल भी लोगों को खूब भाते थे. लेकिन अब इस बगान में अब गिने चुने पेड़ ही बचे हैं. इसका कारण गछकटवा गिरोह द्वारा मूल्यवान पेड़ों की कटाई कर लेना है. ऐसे में काठीकुंड के बगान में बचे पेड़ अगले कुछ साल तक सुरक्षित रहेंगे, इस पर प्रश्न चिह्न लगा रहेगा………….फोटो23 डीएमके काठीकुंड 3काठीकुंड स्थित पेडो का बगान
ओके :: विरान होता जा रहा काठीकुंड का बगान
प्रतिनिधि,काठीकुंडकभी पेड़ों से पटा रहने वाला काठीकुंड बगान का वजूद मिटता जा रहा है. इस बगान में आम, सागवान, शीशम, महुआ, सखुआ जैसे मूल्यवान कीमती पेड़ हुआ करते थे. गरमी के दिनोंे में लोग शाम ढलते ही यहां पहुंच कर ठंड पाते थे और राहत महसूस करते थे. पेड़ों पर लगे फल भी लोगों को […]
